सूरत : नगर निगम भर्ती में रिकॉर्ड आवेदन, 2700 पदों के लिए 2.39 लाख उम्मीदवारों ने फीस जमा की

सिर्फ जूनियर क्लर्क पद के लिए 1.15 लाख आवेदन; भर्ती फीस से SMC को 10 करोड़ रुपये से अधिक की आय

सूरत : नगर निगम भर्ती में रिकॉर्ड आवेदन, 2700 पदों के लिए 2.39 लाख उम्मीदवारों ने फीस जमा की

सूरत। सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की हालिया भर्ती प्रक्रिया ने शहर में बढ़ती बेरोजगारी की तस्वीर सामने ला दी है। नगर निगम द्वारा विभिन्न कैडर के करीब 2700 पदों पर भर्ती निकाली गई थी, जिसके लिए लाखों युवाओं ने आवेदन किया है।

नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, कुल 3.10 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन फॉर्म भरे, जिनमें से 2.39 लाख अभ्यर्थियों ने 400 से 500 रुपये तक की रजिस्ट्रेशन फीस जमा कर अपने आवेदन कन्फर्म किए। इससे नगर निगम को 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है।

जूनियर क्लर्क पद के लिए सबसे अधिक प्रतिस्पर्धा

भर्ती प्रक्रिया में सबसे अधिक आवेदन जूनियर क्लर्क पद के लिए प्राप्त हुए हैं। इस पद के लिए 1.15 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। इसके अलावा अन्य पदों पर भी भारी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

मुख्य पदों के लिए आवेदन संख्या इस प्रकार रही:

जूनियर क्लर्क : 1.15 लाख से अधिक आवेदन
मार्शल : 27 हजार आवेदन
ड्राइवर : 10,500 आवेदन
A.E. सिविल (इंजीनियर) : 10 हजार आवेदन
टेक्निकल असिस्टेंट : 7,500 आवेदन
DAF नर्स : 3 हजार आवेदन

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार कई उम्मीदवारों ने एक साथ कई पदों के लिए आवेदन किया है। कुछ उम्मीदवारों ने सात अलग-अलग पदों के लिए भी आवेदन फीस जमा की है। इसी वजह से परीक्षा कार्यक्रम तैयार करना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।

भर्ती प्रक्रिया थर्ड पार्टी एजेंसी को सौंपने की तैयारी

पिछले वर्षों में विभिन्न सरकारी भर्तियों में पेपर लीक और परीक्षा विवादों को देखते हुए  सूरत नगर निगम ने इस पूरी परीक्षा प्रक्रिया को थर्ड पार्टी एजेंसी के माध्यम से कराने की तैयारी शुरू कर दी है। यह एजेंसी प्रश्नपत्र, परीक्षा केंद्र, परीक्षा संचालन और परिणाम प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभालेगी।

बेरोजगारी और जॉब सिक्योरिटी पर उठे सवाल

भर्ती के आंकड़ों ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्राइवेट सेक्टर में स्थायी रोजगार और बेहतर वेतन की कमी के कारण इंजीनियरिंग और अन्य प्रोफेशनल डिग्रीधारी युवा भी क्लर्क और ड्राइवर जैसी सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन कर रहे हैं।

इसके साथ ही बेरोजगार युवाओं से भर्ती फीस के रूप में करोड़ों रुपये लिए जाने को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। शहर में “एक अनार, सौ बीमार” जैसी स्थिति देखने को मिल रही है, जहां सीमित सरकारी पदों के लिए लाखों उम्मीदवार प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

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