सूरत : निर्माण अव्यवस्था पर सवाल: मुख्य सड़कों पर खतरनाक तरीके से फैल रहा मटीरियल
नगर निगम मीटिंग्स में व्यस्त, ज़मीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था लचर; हादसों का बढ़ा खतरा
सूरत। शहर में तेज़ी से हो रहे विकास कार्यों के बीच निर्माण स्थलों पर सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि सूरत नगर निगम प्रशासन जहां एक ओर मीटिंग और प्रेजेंटेशन में व्यस्त है, वहीं दूसरी ओर शहर की मुख्य सड़कों पर निर्माण सामग्री का अव्यवस्थित ढंग से रखा जाना आम नागरिकों के लिए खतरा बनता जा रहा है।
शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ईंट, लोहे के सरिए, रेत और अन्य निर्माण सामग्री खुलेआम सड़कों पर फैलाई जा रही है। इससे न केवल ट्रैफिक प्रभावित हो रहा है, बल्कि हादसों की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन सड़कों से रोज़ाना हज़ारों वाहन गुजरते हैं, वहां इस तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
मौके पर देखी गई स्थिति के अनुसार, कई जगहों पर सार्वजनिक सड़कों पर ही सरियों की कटिंग का काम किया जा रहा है। ऐसे में तेज़ रफ्तार वाहनों के बीच यह गतिविधि दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है।
नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम की सख्ती केवल छोटे व्यापारियों या आम लोगों तक सीमित रह गई है, जबकि बड़े बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि कोई छोटा व्यापारी सड़क किनारे सामान रखता है तो तत्काल जुर्माना और कार्रवाई होती है, लेकिन बड़े प्रोजेक्ट्स द्वारा सार्वजनिक स्थानों के अतिक्रमण पर अनदेखी की जाती है।
इसके अलावा, मानसून के करीब आने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। सड़क पर फैली रेत और मिट्टी बारिश में फिसलन पैदा कर सकती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा।
नागरिकों ने मांग की है कि नगर निगम प्रशासन मीटिंग्स के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी निगरानी बढ़ाए और सार्वजनिक सड़कों पर निर्माण सामग्री रखने वाले प्रोजेक्ट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे, ताकि शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
