सूरत : जीण संघ ने 18 शनि मंदिरों में मनाया शनिदेव जन्मोत्सव
ढोल-नगाड़ों, दीपोत्सव और जयकारों से गूंजे मंदिर परिसर, श्रद्धालुओं में बांटा प्रसाद
श्री अखिल भारतीय जीण माता सेवा संघ, सूरत द्वारा शनिवार अमावस्या के अवसर पर 16 मई को भगवान शनिदेव का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित 18 प्रमुख शनि मंदिरों में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
संघ के सदस्यों ने ढोल-नगाड़ों और भक्ति जयकारों के साथ सभी मंदिरों में पहुंचकर शनिदेव का जन्मदिन धूमधाम से मनाया। कार्यक्रम के तहत तापी कुबेरेश्वर महादेव मंदिर पाल रोड, पारदेश्वर महादेव मंदिर स्थित शनि मंदिर, श्याम बाबा मंदिर, मेहंदीपुर बालाजी मंदिर, महालक्ष्मी शक्तिपीठ, रोकड़िया हनुमान मंदिर खरवर नगर, सोशियो सर्कल शनि मंदिर, दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर, सर्वेश्वर धाम, नवग्रह मंदिर, सूर्यपुत्र शनिदेव मंदिर अणुव्रत द्वार, पंचमुखी हनुमान मंदिर अल्थान, क्षेत्रपाल हनुमान मंदिर मजूरा गेट, उधना रेलवे स्टेशन एवं बस डिपो के समीप स्थित शनि मंदिर, इच्छापूर्ति शनि मंदिर सीतानगर चौकड़ी, गोडादरा स्थित शनि मंदिर तथा श्री शनि साईं मंदिर सचिन सहित कुल 18 मंदिरों में आयोजन किए गए।
सभी मंदिरों में 108 दीप प्रज्ज्वलित कर शनिदेव का सरसों के तेल से अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान को दुपट्टा एवं फूलमालाएं अर्पित की गईं। नारियल, पान, फल, इमरती और चॉकलेट का भोग लगाकर श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। साथ ही शनि भंडारे के लिए 15 किलो तेल भी अर्पित किया गया।
“सूर्यपुत्र शनिदेव की जय”, “तापी के भैया शनिदेव की जय” और “छाया पुत्र शनिदेव की जय” जैसे जयकारों के बीच श्रद्धालु ढोल की थाप पर झूम उठे। मंदिर परिसर “हाथी घोड़ा पालकी, जय बोलो शनिदेव की” और “सूर्य घर आनंद भयो, छाया घर आनंद भयो” जैसे भक्ति गीतों से गुंजायमान हो गए।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण शनिदेव स्वरूप में सजे बालक द्वारा जन्मदिन का केक काटना रहा। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से “हैप्पी बर्थडे टू शनिदेव” गीत गाकर उत्सव को और भी आनंदमय बना दिया।
संघ द्वारा कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए 18 प्रतिनिधिमंडलों का गठन किया गया था। आयोजन में विजय मुरारका, अशोक करवा, मनोज करवा, सत्यनारायण करवा, अभिषेक करवा, विनोद करवा, अनिल छीपा, पुष्पा राजपूत, प्रतीक, गौतम जाजू, राजेंद्र राजपुरोहित, राजेश काबरा, महेश पाटनेचा, तारा देवी, साबरमल बिहानी, प्रवीण बाफना, प्रणेता, अनीता, अभिषेक अग्रवाल और नमन खंडेलवाल सहित अनेक कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
