सूरत : नगर निगम में शुरू हुई स्मार्ट विज़िटर हेल्प डेस्क, अब शिकायतकर्ताओं को नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

कलर कोडिंग और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम से शिकायतों के समाधान में आएगी तेजी

सूरत : नगर निगम में शुरू हुई स्मार्ट विज़िटर हेल्प डेस्क, अब शिकायतकर्ताओं को नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

सूरत। सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने नागरिकों की शिकायतों के तेज़ और पारदर्शी समाधान के लिए एक नई पहल करते हुए स्मार्ट विज़िटर हेल्प डेस्क और कलर कोडिंग सिस्टम शुरू किया है।

म्युनिसिपल कमिश्नर एम. नागराजन की पहल पर शुरू किए गए इस सिस्टम का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक डायनैमिक, टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली और जवाबदेह बनाना है।

अब तक नागरिकों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए निगम कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते थे और यह पता लगाना मुश्किल होता था कि आवेदन किस विभाग में लंबित है।

नए सिस्टम के तहत कमिश्नर कार्यालय की PA ब्रांच को शिकायतों की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। PA ब्रांच हेल्प डेस्क और विभिन्न ज़ोन कार्यालयों के बीच समन्वय का काम करेगी तथा हर शिकायत के लिए एक जिम्मेदार अधिकारी तय किया जाएगा।

नगर निगम के अनुसार, हर सप्ताह औसतन 200 से अधिक लोग कमिश्नर कार्यालय पहुंचते हैं। सोमवार को शिकायतकर्ताओं की संख्या सबसे अधिक रहती है।

इसे देखते हुए सोमवार शाम 4 बजे से 6 बजे तक का समय विशेष रूप से नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए निर्धारित किया गया है। इस दौरान कमिश्नर और संबंधित अधिकारी सीधे लोगों की समस्याएं सुनेंगे।

नई व्यवस्था की सबसे खास बात शिकायतों का ‘कलर कोडिंग सिस्टम’ है। इसके तहत अलग-अलग प्रकार की शिकायतों को रंगों के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा।

लाल रंग की श्रेणी में ग्रांट, बजट या वित्तीय मंजूरी से जुड़ी शिकायतें रखी जाएंगी।

हरे रंग की श्रेणी में सफाई, पानी, ड्रेनेज, सड़क और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें शामिल होंगी, जिनका स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान किया जाएगा।

निगम प्रशासन ने डिजिटल रिकॉर्डिंग सिस्टम भी शुरू किया है। अब हेल्प डेस्क पर आने वाले प्रत्येक नागरिक के दस्तावेज स्कैन कर ऑनलाइन रिकॉर्ड में सुरक्षित रखे जाएंगे।

यदि कोई व्यक्ति पहले भी वही शिकायत दर्ज करा चुका है, तो सिस्टम तुरंत उसकी पिछली स्थिति और संबंधित अधिकारी की कार्रवाई दिखा देगा। इससे शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक देरी या बहानेबाज़ी पर रोक लगेगी।

इसके साथ ही शिकायत के समाधान के बाद नागरिकों से फीडबैक लेने की व्यवस्था भी शुरू की गई है। इस फीडबैक के आधार पर विभिन्न विभागों की कार्यक्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा।

म्युनिसिपल कमिश्नर एम. नागराजन ने कहा कि विज़िटर हेल्प डेस्क का उद्देश्य नागरिकों को तेज़, पारदर्शी और जवाबदेह सेवा उपलब्ध कराना है। ऑनलाइन सिस्टम के जरिए नागरिकों को SMS और WhatsApp पर शिकायत की स्थिति की जानकारी मिलती रहेगी, जिससे उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

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