सूरत : शहर में डिजास्टर मैनेजमेंट होगा हाई-टेक, अब AI देगा बाढ़ और हीटवेव का एडवांस अलर्ट
म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने तैयार किया AI आधारित एक्शन प्लान, रियल-टाइम डेटा से पानी भराव, प्रदूषण और गर्मी पर होगी निगरानी
सूरत। सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन अब शहर की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और स्मार्ट बनाने जा रहा है। बाढ़, पानी भराव, हीटवेव और बढ़ते प्रदूषण जैसी समस्याओं से निपटने के लिए नगर निगम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
इसके लिए म्युनिसिपल कमिश्नर एम. नागराज की अध्यक्षता में भट्टर स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष वर्कशॉप आयोजित की गई, जिसमें AI आधारित हाई-टेक एक्शन प्लान पर चर्चा हुई।
नगर निगम के अनुसार, अब तक प्राकृतिक आपदाओं के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किए जाते थे, लेकिन नए AI सिस्टम की मदद से संभावित खतरे का पहले ही अनुमान लगाया जा सकेगा।
यह सिस्टम पुराने बारिश के आंकड़ों, समुद्री ज्वार, खाड़ी के जलस्तर और मौजूदा मौसम की स्थिति का विश्लेषण कर भविष्य की परिस्थितियों का आकलन करेगा।
मानसून के दौरान सूरत में खाड़ी में बाढ़ और जलभराव बड़ी समस्या बन जाते हैं। AI तकनीक की मदद से अब एक सप्ताह पहले ही यह अनुमान लगाया जा सकेगा कि शहर के किन इलाकों में पानी भरने की संभावना है।
यदि भारी बारिश, ऊपरी क्षेत्रों से छोड़ा गया पानी और समुद्री ज्वार एक साथ आते हैं, तो सिस्टम निचले इलाकों की पहचान कर पहले से अलर्ट जारी करेगा। इससे नगर निगम को समय रहते पंपिंग मशीनें तैनात करने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद मिलेगी।
AI सिस्टम रियल-टाइम डेटा पर आधारित होगा। उदाहरण के तौर पर यदि लिंबायत या वराछा क्षेत्र में अत्यधिक बारिश होती है, तो सिस्टम तुरंत बताएगा कि किस क्षेत्र में अधिक स्टाफ और संसाधनों की आवश्यकता है। इससे आपातकालीन स्थिति में तेज और प्रभावी प्रतिक्रिया संभव हो सकेगी।
नगर निगम प्रदूषण नियंत्रण के लिए भी AI तकनीक का उपयोग करेगा। शहर में लगे कैमरे और सेंसर यह पहचान सकेंगे कि किन निर्माण स्थलों पर धूल अधिक उड़ रही है या किन ट्रैफिक जंक्शनों पर कार्बन उत्सर्जन ज्यादा है। इसके आधार पर संबंधित क्षेत्रों में कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, यदि किसी इलाके में वायु गुणवत्ता अत्यधिक खराब होती है, तो AI सिस्टम स्वतः आसपास के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट भेजेगा, ताकि सांस संबंधी बीमारियों से प्रभावित मरीजों के लिए आवश्यक तैयारी की जा सके।
हीटवेव से निपटने के लिए भी AI महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सिस्टम शहर के ‘हॉट स्पॉट’ क्षेत्रों की पहचान करेगा और यह भी अनुमान लगाएगा कि गर्मियों में किन इलाकों में पानी की कमी हो सकती है। इससे जल विभाग पहले से टैंकर और पानी आपूर्ति की योजना बना सकेगा।
अहमदाबाद में AI आधारित डिजास्टर मैनेजमेंट का पायलट प्रोजेक्ट सफल रहने के बाद अब सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन भी इस तकनीक को बड़े स्तर पर लागू करने की तैयारी कर रहा है।
इसके लिए विशेषज्ञों की टीम गठित की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर विशेष एजेंसियों को टेंडर भी जारी किए जाएंगे। निगम प्रशासन को उम्मीद है कि AI तकनीक से शहर का आपदा प्रबंधन तंत्र अधिक तेज, सटीक और प्रभावी बनेगा।
