सूरत : वराछा क्षेत्र में अवैध गर्भपात रैकेट का भंडाफोड़: ‘ममता मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल’ सील
फार्मासिस्ट पर PC-PNDT एक्ट के तहत केस दर्ज, छापे में तीन गर्भवती महिलाएं मिलीं; मुख्य आरोपी फरार
सूरत। शहर के वराछा क्षेत्र में अवैध गर्भपात और प्रेग्नेंसी टेस्टिंग से जुड़े एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। जिला स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ‘ममता मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल’ पर छापा मारकर गैर-कानूनी गतिविधियों का खुलासा किया गया, जिसके बाद अस्पताल को सील कर दिया गया है।
मुख्य आरोपी के रूप में फार्मासिस्ट रामगोपाल खंडेलवाल के खिलाफ PC-PNDT एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि वह बिना योग्य डॉक्टर हुए भी अस्पताल में गर्भपात जैसे संवेदनशील ऑपरेशन खुद कर रहा था।
चीफ डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर डॉ. अनिल पटेल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वराछा पुलिस के साथ लाभेश्वर चौराहे के पास स्थित अस्पताल पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान वहां तीन गर्भवती महिलाएं भर्ती मिलीं, जो कथित रूप से गर्भपात कराने आई थीं। इस खुलासे से चिकित्सा जगत में हड़कंप मच गया है।
जांच के दौरान अस्पताल में मौजूद एक महिला कर्मचारी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि आरोपी स्वयं मरीजों का ऑपरेशन करता था। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत अस्पताल में चल रही गतिविधियों को बंद कराया और मरीजों को आगे के इलाज के लिए सूरत सिविल अस्पताल भेजा।
छापे के दौरान अफरा-तफरी का फायदा उठाकर एक 24 वर्षीय महिला फरार हो गई, जबकि अन्य दो महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी इसी तरह के मामले में पकड़ा जा चुका है। वर्ष 2025 में ‘शिवाय हॉस्पिटल’ के नाम से चल रहे इसी तरह के रैकेट पर कार्रवाई हुई थी, जिसमें आरोपी और उसके सहयोगियों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तारी की गई थी। जमानत पर रिहा होने के बाद उसने नया अस्पताल खोलकर फिर से अवैध गतिविधियां शुरू कर दीं।
पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल थे। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस कार्रवाई की सूचना उच्च स्तर से मिलने के बाद त्वरित कदम उठाए गए। फिलहाल, मामले की विस्तृत जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।
