सूरत : GST मुद्दों पर फोस्टा और विभागीय अधिकारियों की अहम बैठक

लहंगा पर GST दरों की जटिलताओं को लेकर व्यापारियों ने रखे सुझाव, टैक्स सिस्टम सरल बनाने की मांग

सूरत : GST मुद्दों पर फोस्टा और विभागीय अधिकारियों की अहम बैठक

सूरत। शहर के कपड़ा बाजार से जुड़े GST मुद्दों को लेकर 28 अप्रैल 2026 को फोस्टा कार्यालय में जीएसटी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक का उद्देश्य व्यापारियों को आ रही कर संबंधी समस्याओं को समझना और उन्हें प्रभावी रूप से सरकार तक पहुंचाना रहा।

बैठक में जीएसटी विभाग की ओर से डीजीटीएस के प्रिंसिपल एडीजी सुशिल कुमार, जॉइंट एडीजी चंचल तिवारी और सीजीएसटी के असिस्टेंट कमिश्नर कमल अग्रवाल उपस्थित रहे। वहीं फोस्टा की ओर से महामंत्री दिनेश कटारिया सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

फोस्टा के महामंत्री दिनेश कटारिया ने बताया कि सूरत कपड़ा बाजार में लहंगा पर लागू जीएसटी दरों में अंतर के कारण व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार ₹2499 तक के लहंगे पर 5% GST लागू है, जबकि ₹2500 या उससे अधिक कीमत होने पर यह दर 18% हो जाती है, जिससे कर प्रणाली जटिल बन रही है।

इसके अलावा लहंगे से जुड़े सहायक उत्पाद जैसे ठेली, फोम, फोटोग्राफी, पेपर कार्टन और पैकेजिंग बॉक्स पर 18% GST होने के कारण व्यापारियों को बार-बार कर गणना में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

फोस्टा ने सुझाव दिया कि इन सभी उत्पादों को एक समान कर संरचना में लाकर 5% GST के दायरे में शामिल किया जाए। साथ ही लहंगे पर 5% GST की सीमा ₹7500 तक बढ़ाने की मांग भी रखी गई, जिससे छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों को राहत मिल सके।

बैठक में सूरत में टेक्सटाइल यूनिवर्सिटी और रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा गया, जिससे उद्योग को नई दिशा मिल सके और युवाओं को मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलें।

इसके अलावा ITC-04 से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने व्यापारियों की सभी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि उन्हें उच्च स्तर पर भेजकर समाधान के प्रयास किए जाएंगे।

फोस्टा द्वारा जल्द ही एक सर्वे फॉर्म जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से व्यापारियों से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। इस सर्वे का उद्देश्य जमीनी स्तर की समस्याओं को एकत्रित कर उन्हें संगठित रूप से सरकार के सामने रखना है।

इस पहल को जीएसटी प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक में फोस्टा के कई पदाधिकारी और कपड़ा बाजार के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।