सूरत :GJEPC और DGTS की अहम बैठक, टैक्स और रिफंड से जुड़े मुद्दों पर चर्चा
इंडस्ट्री प्रतिनिधियों ने GST, IGST रिफंड और कस्टम ड्यूटी की समस्याएं उठाईं; DGTS ने समाधान का दिया आश्वासन
सूरत। सूरत में जेम्स एंड ज्वेलरी इंडस्ट्री से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा के लिए GJEPC के रीजनल ऑफिस द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ टैक्सपेयर सर्विसेज़ (DGTS) के प्रिंसिपल एडिशनल डायरेक्टर जनरल सुमित कुमार शामिल हुए।
बैठक का उद्देश्य टैक्सपेयर सर्विसेज़ को बेहतर बनाने और इंडस्ट्री की समस्याओं को समझकर उनके समाधान की दिशा में कदम उठाना था। DGTS की भूमिका सर्विस सेंटर्स और हेल्पलाइन की निगरानी, फीडबैक सर्वे, पॉलिसी इम्प्लीमेंटेशन और इंडस्ट्री के साथ संवाद के माध्यम से टैक्स सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाना है।
इस अवसर पर सूरत डायमंड एसोसिएशन, सूरत ज्वेलरी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, सूरत ज्वैलर्स एसोसिएशन, लैब ग्रोन डायमंड एसोसिएशन और एसोसिएशन ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (वेस्टर्न ज़ोन) के प्रतिनिधियों सहित कई वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स मौजूद रहे।
बैठक में इंडस्ट्री से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने रखे गए। इनमें GST क्रेडिट का अटकना, IGST रिफंड में देरी, एनफोर्समेंट से संबंधित चिंताएं, कंसाइनमेंट आधारित ट्रांसफर में माल की ज़ब्ती और कस्टम ड्यूटी रिफंड की समस्याएं प्रमुख रहीं।
इंडस्ट्री प्रतिनिधियों ने बताया कि इन चुनौतियों के कारण कारोबार की गति प्रभावित हो रही है और कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) पर दबाव बढ़ रहा है।
इस पर श्री सुमित कुमार ने सभी मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि संबंधित समस्याओं की विस्तृत जांच की जाएगी और उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
बैठक को इंडस्ट्री और सरकारी विभाग के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है, जिससे भविष्य में टैक्स सिस्टम को और अधिक पारदर्शी और उद्योग-हितैषी बनाने में मदद मिल सकती है।
