गुजरात निकाय चुनाव में भाजपा का दबदबा, सभी 15 नगर निगमों पर कब्जा; ग्रामीण क्षेत्रों में भी मजबूत पकड़

गुजरात निकाय चुनाव में भाजपा का दबदबा, सभी 15 नगर निगमों पर कब्जा; ग्रामीण क्षेत्रों में भी मजबूत पकड़

अहमदाबाद, 28 अप्रैल (वेब वार्ता)। गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों ने राज्य की राजनीतिक दिशा का संकेत दे दिया है, जहां सत्तारूढ़ भाजपा ने शहरी से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक व्यापक जीत दर्ज कर विपक्ष को पीछे छोड़ दिया है।

गुजरात में हुए व्यापक स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की मजबूत संगठनात्मक पकड़ को साबित कर दिया है।

राज्य की सभी 15 नगर निगमों में भाजपा ने जीत हासिल करते हुए शहरी राजनीति पर पूर्ण वर्चस्व कायम कर लिया है। चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक पार्टी ने नगर निगमों की कुल सीटों में आधे से कहीं अधिक सीटें अपने नाम की हैं, जबकि मोरबी नगर निगम में तो भाजपा ने क्लीन स्वीप करते हुए सभी 52 सीटों पर कब्जा जमा लिया।

26 अप्रैल को आयोजित इस बड़े चुनावी अभ्यास में 15 नगर निगमों के साथ 84 नगर पालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतों के लिए मतदान हुआ था। करीब 9,200 सीटों पर हुए इस चुनाव में 4.18 करोड़ से अधिक मतदाता शामिल हुए, जिसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल का अहम संकेत माना जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी भाजपा का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। 34 जिला पंचायतों की कुल 1,090 सीटों में से भाजपा ने 568 सीटें जीतकर स्पष्ट बढ़त बनाई, जबकि कांग्रेस को 77 सीटों पर संतोष करना पड़ा और अन्य दलों के खाते में 30 सीटें गईं। वहीं 260 तालुका पंचायतों की 5,234 सीटों में भाजपा ने 2,397 सीटें जीतकर अपना प्रभाव कायम रखा, जबकि कांग्रेस को 591 और अन्य को 329 सीटें मिलीं।

सूरत नगर निगम में भाजपा ने 120 में से 115 सीटें जीतकर विपक्ष को लगभग पूरी तरह हाशिए पर धकेल दिया। आम आदमी पार्टी, जिसने पिछले चुनाव में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था, इस बार केवल चार सीटों तक सिमट गई, जबकि कांग्रेस को महज एक सीट मिली।

इन चुनावों में दहेगाम नगरपालिका का परिणाम भी खासा चर्चित रहा, जहां वार्ड नंबर 5 से भाजपा के 23 वर्षीय उम्मीदवार ऋषि दीपककुमार अमीन ने जीत दर्ज कर सबसे युवा जनप्रतिनिधि बनने का गौरव हासिल किया।

मतदान प्रतिशत की बात करें तो नगर निगमों में 55.1 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, जबकि नगर पालिकाओं में 65.53 फीसदी, जिला पंचायतों में 66.64 फीसदी और तालुका पंचायतों में 67.26 फीसदी मतदान हुआ।

नवगठित गांधीधाम नगर निगम में सबसे कम 46.03 फीसदी मतदान हुआ, जबकि वापी में सर्वाधिक 72.29 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। अहमदाबाद नगर निगम में 51.81 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

इन चुनावों की एक खास बात यह भी रही कि नवसारी, गांधीधाम, मोरबी, वापी, आनंद, नडियाद, मेहसाणा, पोरबंदर और सुरेंद्रनगर सहित नौ नए नगर निगमों में पहली बार मतदान हुआ। साथ ही, ओबीसी आरक्षण के संशोधित मानकों के तहत कई जिलों में परिसीमन और वार्ड पुनर्गठन भी किया गया, जिसने चुनावी समीकरणों को प्रभावित किया।

भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच सीधी टक्कर के साथ-साथ कई क्षेत्रों में छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पूरे चुनाव में मतदान ईवीएम के जरिए हजारों केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया, जिससे यह चुनाव प्रशासनिक दृष्टि से भी सफल रहा।