सूरत : भेस्तान में सात दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य समापन

आचार्य युवराज पांडे महाराज के प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर, अंतिम दिन उमड़ी भारी भीड़

सूरत : भेस्तान में सात दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य समापन

भेस्तान क्षेत्र में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा का समापन अत्यंत भव्य और श्रद्धामय वातावरण में हुआ। आचार्य युवराज पांडे जी महाराज के मुखारविंद से कथा श्रवण का अवसर पाकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा के सातवें और अंतिम दिन इतनी भीड़ उमड़ी कि श्रद्धालुओं को बैठने के लिए स्थान तक नहीं मिल पाया, बावजूद इसके भक्तों ने खड़े और भीड़ में बैठकर भी कथा का रसपान किया।

महाराजजी ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों का इतना सजीव और मार्मिक वर्णन किया कि श्रोताओं को ऐसा अनुभव हुआ मानो रामायण के सभी पात्र साक्षात उनके सामने उपस्थित हों। कथा में शामिल होने वाले श्रद्धालु इस बात की चर्चा करते नजर आए कि इतने विद्वान कथा वाचक पहली बार सूरत की धरती पर पधारे हैं। कई धर्मप्रेमियों ने इसे सूरत में पहली बार इस प्रकार की अद्वितीय कथा आयोजन बताया।

संगठन के अध्यक्ष भार्गव पांडा ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि श्रोताओं की उपस्थिति और उनके उत्साह ने कथा को सफल बनाया। कथा के दौरान लंकाकांड और उत्तरकांड का वर्णन विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे महाराजजी ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

इस आयोजन को सफल बनाने में संगठन के उपाध्यक्ष मनोज गिरी, कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश चौबे, कपिल पांडे, राजकुमार पाठक, डब्लू सिंह, देवेंद्र सिंह, राम जनक शुक्ला, बबलू दुबे, भागवत शुक्ला, चित्रसेन पाढ़ी, श्रीकांत नारायण, अजय मास्टर, राजन द्विवेदी, रिंकू राय, गुड्डु सिंह, अनिल सिंह, अनिल पांडे, मनु महापात्र, सरोज तिवारी, गोविंद पांडा सहित सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का विशेष योगदान रहा।

कथा के समापन पर महाराजजी ने भी सभी श्रद्धालुओं का धन्यवाद व्यक्त किया। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस प्रकार का भव्य और आध्यात्मिक आयोजन सूरत की धरती पर पहली बार देखने को मिला।

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