सूरत : डिंडोली में एसओजी की बड़ी कार्रवाई, 60 टन चोरी की टीएमटी रॉड के साथ चार आरोपी गिरफ्तार
71 लाख से अधिक का माल जब्त; मास्टरमाइंड फरार, बिल्डर-व्यापारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
सूरत। सूरत सिटी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने डिंडोली इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए लोहे की रॉड चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने भाग्यलक्ष्मी सोसाइटी के पास से करीब 59,910 किलोग्राम (लगभग 60 टन) टीएमटी रॉड के साथ चार आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
इस कार्रवाई में पुलिस ने करीब 71.52 लाख रुपये का माल जब्त किया है, जिसमें 32.95 लाख रुपये की लोहे की रॉड, 33 लाख रुपये का ट्रेलर, 5 लाख रुपये की चार पहिया गाड़ी, मोबाइल फोन और नकदी शामिल है।
गिरफ्तार आरोपियों में भेराराम रेखाराम जाखड़ (बाड़मेर, राजस्थान – ट्रक ड्राइवर), निम्बाराम बाबूलाल जाखड़ (बाड़मेर – क्लीनर), प्रदीप सदाबृज त्रिपाठी (डिंडोली, मूल उत्तर प्रदेश) और प्रदीप किशनलाल शर्मा (डिंडोली, मूल राजस्थान) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली रॉड चोरी कर बाजार में बेचने का काम करते थे।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ट्रांसपोर्ट के दौरान रॉड की खेप में से बड़ी मात्रा में माल निकाल लेते थे और उसे सस्ते दाम पर बेचने की कोशिश करते थे। इस मामले में ट्रांसपोर्ट से जुड़े अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है।
डीसीपी राजदीपसिंह नकुम ने बताया कि यह पूरी तरह सुनियोजित साजिश थी और आरोपियों को लाइव रेड के दौरान पकड़ा गया।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के मुख्य मास्टरमाइंड जीतू और राजन तिवारी हैं, जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है और उनके पकड़े जाने के बाद पूरे नेटवर्क के खुलासे की संभावना है।
चारों आरोपियों के खिलाफ डिंडोली पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस रिमांड लेकर उनसे पूछताछ की जाएगी, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों और पिछले मामलों की जानकारी मिल सके।
इस मामले में अब सबसे अहम पहलू यह है कि चोरी का माल किन व्यापारियों या बिल्डरों को बेचा जा रहा था। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में कोई भी खरीदार दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
