टी20 वर्ल्ड कप में मैच फिक्सिंग जांच के बीच लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कनेक्शन से मचा हड़कंप
कनाडा टीम के कप्तान और खिलाड़ियों को धमकी मिलने का सनसनीखेज खुलासा
हैदराबाद, 22 अप्रैल (वेब वार्ता)। भारत और श्रीलंका की मेजबानी में आयोजित टी20 वर्ल्ड कप 2026 में न्यूजीलैंड बनाम कनाडा मैच के दौरान हुई कथित फिक्सिंग में अब एक खतरनाक मोड़ आ गया है।
कनाडाई मीडिया की रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस फिक्सिंग स्कैंडल के पीछे कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ हो सकता है। आरोप है कि गैंग ने कनाडा के कुछ खिलाड़ियों पर कप्तान दिलप्रीत बाजवा का समर्थन करने के लिए दबाव बनाया था।
जांच में सामने आया है कि टीम के चयन और कप्तानी के फैसलों को प्रभावित करने के लिए खिलाड़ियों और अधिकारियों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गई थीं, जिसके चलते कुछ अधिकारियों को पुलिस सुरक्षा लेनी पड़ी।
यह पूरा विवाद ‘द फिफ्थ स्टेट’ की एक डॉक्यूमेंट्री के बाद शुरू हुआ, जिसमें कनाडा के कप्तान दिलप्रीत बाजवा की गेंदबाजी पर सवाल उठाए गए थे। चेन्नई में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में जब कनाडा 173 रनों के लक्ष्य का बचाव कर रहा था, तब बाजवा ने पांचवें ओवर में 15 रन लुटाए थे।
इस ओवर में फेंकी गई नो-बॉल और लेग साइड की वाइड गेंदों को आईसीसी (ICC) की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) संदिग्ध मानकर जांच कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, बिश्नोई गैंग का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि बाजवा ही कप्तान बने रहें ताकि कुछ खास खिलाड़ियों के माध्यम से सट्टेबाजी के खेल को नियंत्रित किया जा सके।
आईसीसी की एंटी-करप्शन यूनिट इस मामले के साथ-साथ एक लीक ऑडियो रिकॉर्डिंग की भी जांच कर रही है, जिसमें कोच खुर्रम चौहान पर पसंदीदा खिलाड़ियों को चुनने का दबाव बनाया जा रहा है।
आईसीसी के अंतरिम इंटीग्रिटी चीफ एंड्रयू एफ़ग्रेव ने कहा है कि फिलहाल जांच जारी है और किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। हालांकि, अंडरवर्ल्ड के तार क्रिकेट से जुड़ने की खबर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और कनाडाई क्रिकेट बोर्ड की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
इस स्कैंडल ने न केवल खिलाड़ियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि खेल की निष्पक्षता को भी बड़ी चोट पहुंचाई है।
