राजस्थान रॉयल्स के लिए गेमचेंजर बने रवींद्र जडेजा, ट्रेड के बाद दिखा अलग ऑलराउंडर अवतार
रवींद्र जडेजा आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए अहम ऑलराउंडर साबित हो रहे हैं
मुंबई, 21 अप्रैल (वेब वार्ता)। आईपीएल 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स ने एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लेते हुए अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को चेन्नई सुपर किंग्स से 14 करोड़ रुपये में ट्रेड किया।
इस हाई-प्रोफाइल डील के तहत राजस्थान के कप्तान संजू सैमसन को चेन्नई भेजा गया, जबकि सीएसके की ओर से जडेजा और सैम करन राजस्थान में शामिल हुए। हालांकि, बाद में सैम करन चोटिल हो गए और उनकी जगह दासुन शनाका को टीम में शामिल किया गया।
जडेजा ने इस सीजन में अब तक अपने प्रदर्शन से इस फैसले को सही साबित करने की कोशिश की है। उन्होंने 6 मुकाबलों में 5 विकेट लेने के साथ 85 रन भी बनाए हैं, जिससे टीम को तीनों विभागों में मजबूती मिली है।
खास बात यह रही कि उन्होंने अपने पहले ही मैच में अपनी पुरानी टीम चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 18 रन देकर 2 विकेट हासिल किए।
इसके बाद गुजरात टाइटंस के खिलाफ भले ही वह विकेट नहीं ले सके, लेकिन टीम की जीत में योगदान दिया। मुंबई इंडियंस के खिलाफ उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से अहम भूमिका निभाई। जडेजा ने 2 ओवर में सिर्फ 14 रन देकर 1 विकेट लिया और फिर 25 गेंदों में नाबाद 24 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई।
जडेजा ने गेंद के साथ बल्ले से भी दिया योगदान
सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में जडेजा ने अपनी बल्लेबाजी से टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने की कोशिश की। जब राजस्थान की टीम 217 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए महज 9 रन पर 5 विकेट गंवा चुकी थी, तब जडेजा ने डोनोवन फरेरा के साथ मिलकर शानदार 118 रनों की साझेदारी की।
उन्होंने 32 गेंदों में 45 रन बनाए और हार के अंतर को काफी कम कर दिया। कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ भी जडेजा ने अपनी गेंदबाजी से प्रभाव छोड़ा। उन्होंने 3 ओवर में केवल 8 रन देकर 2 विकेट झटके, हालांकि टीम को करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।
जडेजा की ऑलराउंड क्षमता है सबसे बड़ी ताकत
रवींद्र जडेजा की सबसे बड़ी ताकत उनकी ऑलराउंड क्षमता है। वह मध्यक्रम में तेजी से रन बना सकते हैं, संकट की स्थिति में पारी संभाल सकते हैं और गेंदबाजी में मिडिल ओवर्स में विकेट निकालकर विपक्ष पर दबाव बना सकते हैं।
इसके अलावा, उनकी फील्डिंग भी टीम के लिए बड़ा प्लस पॉइंट है, जहां वह रन बचाने के साथ-साथ अहम कैच और रनआउट के मौके बनाते हैं। उनका अनुभव राजस्थान रॉयल्स के युवा खिलाड़ियों के लिए भी काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
