महाराष्ट्र फ्लैट ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन बना फ्लैट मालिकों की नई आवाज

प्रेस कॉन्फ्रेंस में आवासीय अधिकारों को लेकर अहम कदमों की घोषणा

महाराष्ट्र फ्लैट ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन बना फ्लैट मालिकों की नई आवाज

मुंबई (महाराष्ट्र), 18 अप्रैल: महाराष्ट्र फ्लैट ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन (MFOWA) ने मुंबई के अंधेरी (पश्चिम) स्थित मौर्य ग्रैंड बिल्डिंग में एक उच्च स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें महाराष्ट्र भर के फ्लैट मालिकों को प्रभावित करने वाले कई गंभीर मुद्दों को उठाया गया।

एसोसिएशन ने इस कार्यक्रम को आवासीय अधिकारों की रक्षा और रियल एस्टेट क्षेत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक सामूहिक आंदोलन की शुरुआत बताया।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारियों ने संबोधित किया, जिनमें श्री सी. एस. रेड्डी, अधिवक्ता निवेदिता अर्गाडे, अध्यक्ष श्री दीपक नरसीभाई भानुशाली, अधिवक्ता जीवंदत्त अर्गाडे, श्री सुमित आचार्य, श्री संदीप भोसले, अधिवक्ता ताहिरा सिद्दीकी, श्रीमती तजेला बागडे और श्रीमती रोहिणी जाधव शामिल थे। इस अवसर पर विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसोसिएशन ने महाराष्ट्र में फ्लैट मालिकों को प्रभावित करने वाली कई व्यवस्थागत कमियों, अनियमितताओं और नागरिक शिकायतों को सार्वजनिक रूप से सामने रखा। साथ ही इन समस्याओं से निपटने के लिए एक राज्यव्यापी कार्य योजना (Statewide Action Framework) की भी घोषणा की गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे महत्वपूर्ण घोषणा डिम्ड कन्वेयंस प्रक्रिया को लेकर की गई। एसोसिएशन ने बताया कि उसने एक ऐसा संरचित तंत्र तैयार किया है जिसके माध्यम से हाउसिंग सोसायटी डिम्ड कन्वेयंस की प्रक्रिया को बिना भारी कानूनी और अधिवक्ता शुल्क के पूरा कर सकेंगी।

एमएफओडब्ल्यूए अपने पैनल अधिवक्ताओं के माध्यम से नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराएगा और इस प्रक्रिया को पूरे महाराष्ट्र में सरल और पारदर्शी तरीके से लागू करेगा।

एमएफओडब्ल्यूए ने फ्लैट मालिकों के लिए ब्रोकरेज-फ्री मॉडल भी प्रस्तुत किया, जिसे “वन पार्टी ब्रोकरेज मॉडल” नाम दिया गया है। इस मॉडल के तहत फ्लैट मालिकों को अपनी संपत्ति किराए पर देने या बेचने के समय किसी प्रकार की ब्रोकरेज फीस नहीं देनी होगी। पारदर्शी व्यवस्था के तहत ब्रोकरेज शुल्क केवल किरायेदार या खरीदार द्वारा अधिकृत एजेंटों के माध्यम से दिया जाएगा।

एसोसिएशन ने फ्लोर स्पेस इंडेक्स (FSI) के दुरुपयोग और हेरफेर के मामलों को भी गंभीर चिंता का विषय बताया। एमएफओडब्ल्यूए के अनुसार कुछ डेवलपर्स द्वारा एफएसआई का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे अवैध निर्माण, वित्तीय शोषण और फ्लैट मालिकों के वैध अधिकारों को नुकसान पहुंच रहा है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि ऐसी सभी गतिविधियों को अब प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर चुनौती दी जाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) से जुड़े एनैक्सचर सूची में कथित हेरफेर का मुद्दा भी उठाया गया। एसोसिएशन के अनुसार कई मामलों में अपात्र लोगों को पात्र सूची में शामिल किया गया है, जबकि वास्तविक पात्र निवासियों को सूची से बाहर रखा गया है। एमएफओडब्ल्यूए ने इसे प्रशासनिक हेरफेर का घोटाला बताते हुए इसकी जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

एमएफओडब्ल्यूए ने उन मामलों का भी कड़ा विरोध किया जिनमें हाउसिंग लोन रिकवरी के नाम पर जबरन संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है।

एसोसिएशन के अनुसार कुछ मामलों में वित्तीय संस्थानों और अधिकारियों के बीच कथित मिलीभगत के साथ ऐसी कार्रवाइयाँ की जाती हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि किसी भी अवैध या जबरन वसूली का कानूनी रूप से विरोध किया जाएगा।

इसके अलावा एसोसिएशन ने वित्तीय जाल, फर्जी दस्तावेज़ों के माध्यम से संपत्ति धोखाधड़ी और रियल एस्टेट घोटालों की बढ़ती घटनाओं पर भी चिंता जताई।

इन समस्याओं से निपटने के लिए एमएफओडब्ल्यूए ने एक कानूनी और तकनीकी सहायता प्रणाली स्थापित करने की घोषणा की, जो नागरिकों को मार्गदर्शन और सुरक्षा प्रदान करेगी।

संगठन ने फ्लैटों पर अवैध कब्जे के मामलों को लेकर भी शून्य सहिष्णुता नीति की घोषणा की और कहा कि ऐसे मामलों में कानूनी सहायता देकर वास्तविक मालिकों के अधिकार सुनिश्चित किए जाएंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया गया कि कुछ हाउसिंग सोसायटी समितियाँ डेवलपर्स के साथ मिलकर रीडेवलपमेंट से जुड़े धोखाधड़ीपूर्ण समझौते कर रही हैं। एमएफओडब्ल्यूए ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों को उजागर किया जाएगा और समाज के सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एसोसिएशन ने बुकिंग धोखाधड़ी के मामलों को भी उठाया, जिसमें हजारों नागरिकों ने फ्लैट बुकिंग के लिए राशि जमा की, लेकिन उन्हें अब तक फ्लैट का कब्जा नहीं मिला। एमएफओडब्ल्यूए ने घोषणा की कि ऐसे मामलों को सामूहिक रूप से लड़ा जाएगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंतर-राज्यीय लोन उत्पीड़न और अवैध जब्ती कार्रवाइयों का मुद्दा भी सामने आया। संगठन ने बताया कि महाराष्ट्र के कई उधारकर्ताओं को अन्य राज्यों से नोटिस भेजकर संपत्ति जब्त करने की धमकी दी जाती है। एमएफओडब्ल्यूए ने इस पर तत्काल नीतिगत हस्तक्षेप और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

इस अवसर पर अध्यक्ष दीपक नरसीभाई भानुशाली ने कहा, “फ्लैट मालिकों की लड़ाई अब व्यक्तिगत नहीं रही, यह एक सामूहिक कानूनी आंदोलन बन चुकी है।” एमएफओडब्ल्यूए ने दोहराया कि वह नागरिकों के आवास और संपत्ति के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

एसोसिएशन ने सरकार, संबंधित प्राधिकरणों और न्यायपालिका से अपील की कि इन मुद्दों का तत्काल संज्ञान लेकर महाराष्ट्र के लाखों फ्लैट मालिकों को न्याय दिलाया जाए।

संगठन ने नागरिकों को अपनी पहलों और सेवाओं के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट www.mfowa.in पर जाने का भी आह्वान किया।

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