ईरान-अमेरिका तनाव के बीच फंसे वलसाड-नवसारी के 72 मछुआरे सुरक्षित वतन लौटे
केंद्र सरकार के प्रयासों से रेस्क्यू, वलसाड पहुंचने पर मछुआरों ने जताई खुशी और लगाए ‘भारत माता की जय’ के नारे
वलसाड। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच फंसे वलसाड और नवसारी जिलों के 72 मछुआरे सुरक्षित अपने वतन लौट आए हैं। भारत सरकार के प्रयासों से सभी मछुआरों को पहले चेन्नई एयरपोर्ट लाया गया, जहां से दो बसों के जरिए उन्हें वलसाड सर्किट हाउस पहुंचाया गया।
सोमवार सुबह वलसाड पहुंचने पर मछुआरों का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान गुजरात सरकार के कैबिनेट मंत्री कनुभाई देसाई, विधायक भरतभाई पटेल, जिला कलेक्टर भव्य वर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। अपने घर लौटते ही मछुआरों ने “भारत माता की जय” के नारे लगाए और परिवार से मिलकर भावुक हो उठे।
जानकारी के अनुसार, रोज़गार के लिए ईरान गए ये मछुआरे 28 फरवरी से युद्ध जैसे हालात के कारण वहां फंसे हुए थे। हालात बिगड़ने पर उन्होंने वीडियो बनाकर मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के प्रयासों से ईरान सरकार से बातचीत कर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई।
मछुआरे राजेशभाई पटेल ने बताया कि बमबारी के दौरान उनकी बोट का जीपीएस सिस्टम बंद हो गया था और वे एक महीने तक डरे-सहमे हालात में कमरे में रहने को मजबूर थे। एयरपोर्ट बंद होने के कारण वापसी की कोई उम्मीद नहीं थी, लेकिन भारत सरकार की मदद से उन्हें सुरक्षित निकाला गया।
ईरान से भारत पहुंचने के बाद चेन्नई एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री पियुष गोयल ने भी उनका स्वागत किया।
यह सफल रेस्क्यू ऑपरेशन न सिर्फ सरकार की तत्परता को दर्शाता है, बल्कि संकट की घड़ी में देशवासियों के प्रति प्रतिबद्धता का भी उदाहरण है।
