वडोदरा की “स्क्वैट क्वीन” इंदरजीत कौर मान ने 3000 से अधिक स्क्वैट्स कर तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड

आर्थराइटिस के बावजूद हिम्मत और अनुशासन से रची प्रेरणादायक कहानी, अब बनीं फिटनेस आइकन

वडोदरा की “स्क्वैट क्वीन” इंदरजीत कौर मान ने 3000 से अधिक स्क्वैट्स कर तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड

वडोदरा की 54 वर्षीय इंदरजीत कौर मन्नन ने एक बार फिर अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और मजबूत संकल्प का परिचय देते हुए एक इवेंट में 3000 से अधिक स्क्वैट्स कर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। “स्क्वैट क्वीन” के नाम से मशहूर इंदरजीत की यह उपलब्धि न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि उन लोगों के लिए भी प्रेरणा है जो शारीरिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं।

एक समय ऐसा था जब डॉक्टरों ने उन्हें आर्थराइटिस के कारण भविष्य में चलने में असमर्थ होने की चेतावनी दी थी। हालांकि, इस कठिन परिस्थिति को उन्होंने अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। दर्द और शारीरिक सीमाओं के बावजूद उन्होंने सकारात्मक सोच, निरंतर अभ्यास और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर खुद को फिट और सक्रिय बनाए रखा।

हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में 3000 से अधिक स्क्वैट्स पूरा कर उन्होंने अपनी ही पिछली उपलब्धि को पीछे छोड़ दिया। यह उनके वर्षों के संघर्ष और समर्पण का परिणाम है। मुंबई में बीमारी का पता चलने के बाद, एक सिंगल मदर के रूप में दो बच्चों का पालन-पोषण करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

इंग्लिश में ग्रेजुएट इंदरजीत कौर मन्नन  खेलों में भी सक्रिय रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी खेल चुकी हैं। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने शिक्षा क्षेत्र से की और बाद में वडोदरा में बसने के बाद भी शिक्षण कार्य जारी रखा। पिछले एक दशक से वह फ्रीलांस फिटनेस कोच और जिम इंस्ट्रक्टर के रूप में कार्यरत हैं।

इंदरजीत बताती हैं कि 2006-07 में आर्थराइटिस का पता चलने के बाद उन्होंने खुद को सक्रिय रखने के लिए दौड़ना शुरू किया। वर्ष 2017 में उन्होंने स्क्वैट्स को अपनी दिनचर्या में शामिल किया और आज वह नियमित रूप से वेट ट्रेनिंग, कार्डियो, कोर एक्सरसाइज के साथ रोजाना 200 लंज और 300 स्क्वैट्स करती हैं।

उन्होंने कहा, “शुरुआत में आर्थराइटिस और थायरॉइड की वजह से काफी परेशानी हुई, लेकिन मैंने हार नहीं मानी। मैंने दौड़ना और एक्सरसाइज शुरू की, जिससे शरीर खासकर पैरों में मजबूती आई। आज मेरी मेहनत का परिणाम सामने है और मैं दूसरों को भी प्रेरित कर पा रही हूं।” इंदरजीत कौर मन्नन की यह सफलता साबित करती है कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और सकारात्मक सोच से किसी भी कठिनाई को पार किया जा सकता है।

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