अहमदाबाद-रतलाम रेल मंडलों के लिए 398.36 करोड़ की ओएफसी बैकबोन परियोजना को मंज़ूरी
नई दिल्ली, 04 अप्रैल (वेब वार्ता)। रेलवे ने पश्चिमी रेल में संचार अवसंरचना को मज़बूत करने के लिए 398.36 करोड़ की ऑप्टिकल फाइबर केबल बैकबोन परियोजना को मंजूरी प्रदान की है। रेलवे ने शनिवार को बताया कि इस परियोजना तहत अहमदाबाद और रतलाम मंडलों में 4×48 ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बैकबोन लगाने की मंज़ूरी प्रदान की गई है, जिस पर कुल 398.36 करोड़ रुपये की लागत आएगी। रेलवे के अनुसार इस परियोजना को “भारतीय रेलवे के बाकी बचे मार्गों पर दीर्घकालिक विकास (एलटीई ) के संचार बैकबोन के साथ ‘कवच’ की व्यवस्था (अम्ब्रेला वर्क 2024–25)” नाम के अम्ब्रेला वर्क के तहत मंज़ूर किया गया है। इस अम्ब्रेला वर्क के लिए ‘कार्य कार्यक्रम 2024–25 (पीएच-33)’ के तहत कुल 27,693 करोड़ रुपये की लागत से मंज़ूर की गई है। पश्चिमी रेलवे के लिए भी 2,800 करोड़ रुपये की लागत से एक सब-अम्ब्रेला वर्क मंज़ूर किया गया है, जिसके तहत इस परियोजना शुरू की गई है।
रेलवे ने बताया कि इस परियोजना के तहत पश्चिमी रेलवे में 1929 रूट किलोमीटर (आरकेएम) के दायरे में 2×48 फाइबर वाली ओएफसी केबल बिछाई जाएंगी। इसमें अहमदाबाद मंडल में 1456 आरकेएम और रतलाम मंडल में 473 आरकेएम शामिल है। रेलवे ने बताया कि संचार बैकबोन में इस अहम बढ़ोतरी से रेलवे संचार प्रणालियों की क्षमता, विश्वसनीयता और कार्यकुशलता बढ़ेगी। यह आधुनिक सिग्नलिंग प्रणालियों को भी मदद देगा, जिसमें ‘कवच’ को लागू करना भी शामिल है, जिससे पूरे नेटवर्क में डेटा का बिना किसी रुकावट के ट्रांसमिशन हो सकेगा। रेलवे के अनुसार यह पहल भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण, सुरक्षा बढ़ाने और डिजिटल बदलाव की दिशा में एक और कदम है। इससे यात्रियों और माल ढुलाई के कामों में बेहतर परिचालन क्षमता और बेहतर सेवा वितरण सुनिश्चित होगा।
