भारतीय महिला क्रिकेटर स्नेह राणा ने बढ़ाया मदद का हाथ, नेशनल स्टार की दरियादिली देख भावुक हुई संघर्षरत खिलाड़ी
फटे जूते पहनकर मेडल जीतने वाली उत्तराखंड की एथलीट सोनिया का संवारा भविष्य
देहरादून, 04 अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी स्नेह राणा ने खेल जगत में मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है।
स्नेह ने उत्तराखंड की उभरती हुई एथलीट सोनिया की मदद करने का बीड़ा उठाया है, जिन्होंने पिछले साल 38वें नेशनल गेम्स में फटे हुए जूते पहनकर दौड़ते हुए मेडल जीतकर सुर्खियां बटोरी थीं।
स्नेह राणा ने देहरादून में एक अभ्यास सत्र के दौरान सोनिया को आमंत्रित किया और उन्हें एथलेटिक्स के लिए आवश्यक किट और सामग्रियां भेंट कीं। स्नेह ने न केवल आर्थिक सहायता का वादा किया, बल्कि सोनिया को एक मार्गदर्शक (मेंटर) के रूप में भविष्य के लिए तैयार करने का भी आश्वासन दिया।
क्रिकेटर का यह स्नेह पाकर 10 हजार मीटर की दौड़ लगाने वाली सोनिया की आंखें छलक आईं और उन्होंने इसे अपने करियर के लिए “ईश्वरीय मदद” करार दिया।
एथलीट सोनिया की कहानी अत्यंत प्रेरणादायक और संघर्षों से भरी है। मंगलौर की रहने वाली सोनिया ने महज 8 साल की उम्र में अपनी मां को खो दिया था। उनके पिता मजदूरी कर पांच भाई-बहनों का पालन-पोषण कर रहे हैं। इतनी तंगहाली के बावजूद सोनिया के हौसले कभी कम नहीं हुए।
हाल ही में उन्होंने जापान में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप की 10 हजार मीटर श्रेणी में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल (कांस्य पदक) जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहराया है।
सोनिया ने बताया कि उनके पास न तो अच्छे संसाधन थे और न ही सही मार्गदर्शन, लेकिन राष्ट्रीय क्रॉस कंट्री में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें सीधे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा दिया, जहां उन्होंने सीमित संसाधनों में भी देश का नाम रोशन किया।
स्नेह राणा को सोनिया के संघर्ष के बारे में मीडिया रिपोर्ट्स और अपने मैनेजर के माध्यम से पता चला था। खुद एक साधारण परिवार से निकलकर विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा बनने वाली स्नेह ने कहा कि वे एक खिलाड़ी का दर्द समझती हैं।
उन्होंने सिनौला में नए प्रैक्टिस टर्फ के उद्घाटन के अवसर पर सोनिया को सम्मानित किया और समाज के अन्य सक्षम लोगों से भी प्रतिभावान खिलाड़ियों की मदद करने की अपील की।
सोनिया ने भावुक होते हुए कहा कि आज तक किसी बड़े खिलाड़ी ने इस तरह उनका हाथ नहीं थामा था। स्नेह राणा का यह सहयोग न केवल सोनिया के फटे जूतों की जगह नए स्पाइक्स लाएगा, बल्कि उनके ओलंपिक के सपने को भी नई उड़ान देगा।
