राजकोट के 17 गांवों में जल आपूर्ति सुदृढ़ करने को 38.97 लाख के कार्य स्वीकृत
कलेक्टर की अध्यक्षता में जल व स्वच्छता समिति की बैठक, जर्जर टंकियों को हटाने हेतु इंजीनियरों की समिति गठित करने के निर्देश
राजकोट जिला कलेक्टर डॉ. ओम प्रकाश की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें ग्रामीण जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में जिले के 11 तालुकाओं के 17 गांवों में पेयजल आपूर्ति ढांचे को सुदृढ़ करने हेतु ‘कायाकल्प’ कार्यक्रम के अंतर्गत 38.97 लाख रुपये के विभिन्न कार्यों को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की गई।
इन स्वीकृत कार्यों के तहत संबंधित गांवों में नए बोरहोल की ड्रिलिंग, पंपिंग मशीनरी की स्थापना तथा मौजूदा बोरहोल और सम्प पर पंपिंग सिस्टम को सुदृढ़ करने जैसे कार्य किए जाएंगे। साथ ही पिछली बैठक में स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गर्मी के मौसम में किसी भी गांव में पेयजल की कमी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक में वास्मो (WASMO) द्वारा संचालित योजनाओं और गतिविधियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। इसमें ग्राम पंचायतों द्वारा जल कर संग्रह, पंप ऑपरेटरों का प्रशिक्षण, ग्रामीण स्तर पर जल परीक्षण, ‘जल अर्पण उत्सव’ तथा स्वीकृत कार्यों की प्रगति पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त, विभिन्न गांवों में जर्जर एवं खतरनाक स्थिति में पहुंच चुकी पुरानी पानी की टंकियों को ध्वस्त करने के विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया। कलेक्टर ने इन टंकियों के मूल्यांकन और प्रक्रिया निर्धारण के लिए जिला पंचायत, सिंचाई विभाग, आर एंड बी, पीआईयू, जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड तथा वास्मो के कार्यकारी अभियंताओं की एक संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए। यह समिति टंकियों के मूल मूल्य का निर्धारण कर पंचायत नियमों के तहत आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
बैठक में जिला पंचायत के कार्यकारी अभियंता (सिंचाई) विवेक गोहिल, जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड के कार्यकारी अभियंता अंकित गोहिल, वास्मो के कार्यकारी अभियंता दीपक बारिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
