सूरत में बिहार दिवस-2026 बना एकता और संस्कृति का प्रतीक

अरविंद सिंह बोले—गुजरात और बिहार का संगम नए भारत की मजबूत नींव

सूरत में बिहार दिवस-2026 बना एकता और संस्कृति का प्रतीक

सूरत में आयोजित बिहार दिवस-2026 कार्यक्रम ने एकता, संस्कृति और विकास का अनूठा संदेश दिया। हिंदीभाषी महासंघ के महासचिव एवं भाजपा नेता अरविंद सिंह ने इस आयोजन को “नए भारत की जीवंत तस्वीर” करार दिया।

यह कार्यक्रम बिहार फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही। अरविंद सिंह ने कहा कि सूरत में बसे बिहारी समाज ने अपनी कर्मभूमि गुजरात के साथ मिलकर एकता और सांस्कृतिक समन्वय का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया है।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, सामाजिक संवाद और सम्मान समारोह के माध्यम से बिहार की समृद्ध परंपरा और गुजरात की प्रगति का सुंदर संगम देखने को मिला। हजारों लोगों की उपस्थिति और उत्साह ने यह स्पष्ट कर दिया कि दोनों राज्यों का यह मेल देश के विकास को नई दिशा दे रहा है।

अरविंद सिंह ने कहा कि “बिहार की मेहनत और गुजरात की विकासशील सोच मिलकर नए भारत की मजबूत नींव रख रही है।” उन्होंने कार्यक्रम के संयोजक रबिंदु सिंह की विशेष सराहना करते हुए कहा कि उनके समन्वय और नेतृत्व ने विभिन्न सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों को एक मंच पर लाकर इस आयोजन को भव्य सफलता दिलाई। कार्यक्रम में राजेंद्र सिंह तथा नीरज सिंह बबलू की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों नेताओं ने समाज को एकजुट रहने और आपसी सहयोग से आगे बढ़ने का संदेश दिया।

अंत में अरविंद सिंह ने आयोजन समिति और सभी सहयोगी संस्थाओं को बधाई देते हुए कहा कि सूरत में बसे बिहारी समाज ने एक बार फिर अपनी एकजुटता और सामाजिक शक्ति का परिचय दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में ऐसे आयोजन और भी बड़े स्तर पर किए जाएंगे, जिससे समाज को और अधिक पहचान और मजबूती मिलेगी।

Tags: Surat