अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, एक दिन में ₹3000 से ज्यादा टूटे दाम

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, एक दिन में ₹3000 से ज्यादा टूटे दाम

नई दिल्ली, 30 मार्च (वेब वार्ता)। वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम होने के कारण भारतीय सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 जून की डिलीवरी वाले सोने के कॉन्ट्रैक्ट में जबरदस्त बिकवाली देखी गई, जिससे कीमतें 2.06 प्रतिशत यानी लगभग 3,043 रुपये तक टूट गईं।

दिन के कारोबार के दौरान सोना 1,44,212 रुपये प्रति 10 ग्राम के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती मुद्रास्फीति की चिंताओं और डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं पर भारी दबाव बनाया है।

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट का रुख रहा। 5 मई की डिलीवरी वाले चांदी के वायदा भाव में 0.96 प्रतिशत की कमी देखी गई, जिससे यह 2,25,763 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 67.69 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। मार्च का महीना चांदी के लिए भी काफी खराब साबित हुआ है, जहां कीमतें अपनी ऊंचाई से करीब 30 प्रतिशत नीचे फिसल चुकी हैं।

औद्योगिक मांग में कमी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के चलते चांदी में निवेशकों का उत्साह ठंडा पड़ता दिखाई दे रहा है।

सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 का महीना सोने के लिए अक्टूबर 2008 के बाद का सबसे खराब महीना साबित हुआ है। इस महीने सोने की कीमतों में कुल मिलाकर करीब 15 प्रतिशत की गिरावट आई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.61 प्रतिशत गिरकर 4,420.48 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच संघर्ष के बावजूद डॉलर इंडेक्स में 2 प्रतिशत की तेजी आई है, जिसने सोने को ‘सुरक्षित निवेश’ के रूप में कमजोर कर दिया है।

आने वाले समय में कीमतों की दिशा पूरी तरह से वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी।