सूरत : सिविल अस्पताल में 94वां सफल अंगदान: गोरखपुर के ब्रेन डेड युवक ने तीन लोगों को दी नई जिंदगी

ब्रेन-डेड राजेंद्र गुप्ता के लिवर और दोनों किडनी डोनेट; परिवार ने पेश की मानवता की मिसाल

सूरत : सिविल अस्पताल में 94वां सफल अंगदान: गोरखपुर के ब्रेन डेड युवक ने तीन लोगों को दी नई जिंदगी

सूरत। ‘ऑर्गन डोनर सिटी’ के रूप में पहचान बना चुके सूरत शहर में मानवता की एक और मिसाल सामने आई है। नवीन सिविल अस्पताल में लगातार तीसरे दिन तीसरा और कुल 94वां सफल अंगदान किया गया, जिससे तीन जरूरतमंद मरीजों को नई जिंदगी मिली है।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी 33 वर्षीय राजेंद्र हीरालाल गुप्ता के परिवार ने उनके ब्रेन-डेड घोषित होने के बाद बड़ा निर्णय लेते हुए उनका लिवर और दोनों किडनी दान कर दीं। इस निर्णय से तीन लोगों को नया जीवन मिल सका।

जानकारी के अनुसार, 25 मार्च 2026 को राजेंद्र गुप्ता पलसाना स्थित अपने कार्यस्थल से घर लौटे थे, जहां पास की एक इमारत की तीसरी मंजिल से गिरने के कारण वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले नवसारी सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए सूरत के न्यू सिविल अस्पताल रेफर किया गया।

गंभीर स्थिति के चलते उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां 28 मार्च को डॉक्टरों की टीम—आरएमओ डॉ. केतन नायक, डॉ. नीलेश कछड़िया, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. जय पटेल और न्यूरो सर्जन डॉ. केयूर प्रजापति—ने उन्हें ब्रेन-डेड घोषित किया।

इसके बाद मेडिकल टीम और गुजरात नर्सिंग काउंसिल के उपाध्यक्ष इकबाल कड़ीवाला ने परिवार को अंगदान के महत्व के बारे में समझाया। परिवार ने सहमति देते हुए ‘अंगदान महादान’ की भावना को साकार किया।

डोनेट किए गए अंगों को अहमदाबाद के सिम्स अस्पताल पहुंचाया गया, जहां जरूरतमंद मरीजों में उनका प्रत्यारोपण किया गया।

इस पूरी प्रक्रिया में नवी सिविल अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धारित्री परमार के मार्गदर्शन में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, सुरक्षा कर्मियों और स्वयंसेवकों ने अहम भूमिका निभाई।

राजेंद्र गुप्ता का यह अंगदान न सिर्फ तीन जिंदगियों को बचाने में सफल रहा, बल्कि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रेरणादायक संदेश दे गया।

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