सूरत : खजोद डंपिंग साइट की आग पर नगर निगम की सफाई, मीथेन गैस को बताया कारण
घोटाले के आरोपों के बीच प्रशासन का दावा—गर्मी में गैस बनने से लगी आग; राहत कार्य जारी, सवाल बरकरार
सूरत में खाजोद डंपिंग साइट पर पिछले चार दिनों से लगी आग को लेकर जारी विवाद के बीच सूरत नगर निगम ने अपनी आधिकारिक सफाई पेश की है। नगर निगम का कहना है कि कचरे में बनी मीथेन गैस और बढ़ती गर्मी के कारण यह आग लगी, न कि किसी साजिश के तहत।
नगर निगम द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, डंपिंग साइट पर मौजूद RDF कचरे में अंदरूनी रासायनिक प्रक्रिया के चलते मीथेन गैस बनती है, जो अधिक तापमान में आग पकड़ सकती है। प्रशासन का दावा है कि इसी वजह से खाजोद साइट पर आग की घटना हुई।
आग पर काबू पाने के लिए निगम द्वारा बड़े स्तर पर ऑपरेशन चलाया जा रहा है। फिलहाल 13 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लगातार पानी का छिड़काव कर रही हैं, जबकि 6 JCB और 11 पोकलेन मशीनें कचरे को पलटने, फायर लाइन बनाने और मिट्टी से ढकने का काम कर रही हैं।
पिछले चार दिनों में विभिन्न ज़ोन से 105 ट्रकों के जरिए मिट्टी डालकर अलग-अलग सेक्शन तैयार किए जा रहे हैं, ताकि आग को फैलने से रोका जा सके।
नगर निगम का यह भी कहना है कि कचरे के भीतर मीथेन गैस बनने की प्रक्रिया जारी रहने से आग दोबारा भड़कने की संभावना बनी रहती है, इसलिए पूरी तरह नियंत्रण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
हालांकि, इस सफाई के बावजूद शहर में संदेह बना हुआ है। पिछले 52 दिनों में दूसरी बार आग लगने और कचरा निपटान को लेकर पहले से चल रहे विवादों के कारण कई लोग इसे कचरा घोटाले से जोड़कर देख रहे हैं। मामले को लेकर म्युनिसिपल कमिश्नर से लेकर राज्य स्तर तक शिकायतें भी की जा चुकी हैं।
ऐसे में, नगर निगम की ओर से दी गई यह सफाई अब शहर में चर्चा का विषय बन गई है, जबकि नागरिक और सामाजिक संगठन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
