राजकोट में ‘वर्ल्ड ट्यूबरकुलोसिस डे’ पर जागरूकता कार्यक्रम, मरीजों को वितरित की गई न्यूट्रिशन किट

“यस वी कैन एंड टीबी” संकल्प के साथ 12 मरीजों को पोषण सहायता, नियमित इलाज पर दिया जोर

राजकोट में ‘वर्ल्ड ट्यूबरकुलोसिस डे’ पर जागरूकता कार्यक्रम, मरीजों को वितरित की गई न्यूट्रिशन किट

‘वर्ल्ड ट्यूबरकुलोसिस डे’ के अवसर पर राजकोट डिस्ट्रिक्ट ट्यूबरकुलोसिस सेंटर द्वारा “यस वी कैन एंड टीबी” (हां, हम टीबी को खत्म कर सकते हैं) के संकल्प के साथ विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चीफ डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर आर. आर. फुलमाली ने की।

इस दौरान रोटरी क्लब ऑफ राजकोट ग्रेटर के सहयोग से 12 जरूरतमंद टीबी मरीजों को न्यूट्रिशनल फूड किट वितरित की गईं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मरीजों को बेहतर इलाज के साथ-साथ पर्याप्त पोषण भी मिल सके।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आर. आर. फुलमाली ने कहा कि ट्यूबरकुलोसिस पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, बशर्ते मरीज नियमित रूप से दवा लें और इलाज बीच में न छोड़ें। उन्होंने बताया कि समय पर पहचान और लगातार उपचार ही टीबी से लड़ने का सबसे प्रभावी उपाय है। साथ ही उन्होंने ‘टीबी-फ्री गुजरात’ और ‘टीबी-फ्री इंडिया’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता दोहराई तथा संक्रमण रोकने के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी भी दी।

कार्यक्रम का संचालन मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुरेश लक्कड़ ने किया। इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट ट्यूबरकुलोसिस ऑफिसर डॉ. घनश्याम मेहता, मेडिकल ऑफिसर डॉ. बादल वाछानी, कोऑर्डिनेटर महेशभाई राच्छ एवं रोनकभाई वेकरिया, रोटरी क्लब के प्रेसिडेंट जयदीपभाई मेहता और सेक्रेटरी अनूपभाई जोशी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में टीबी चैंपियन रोशनीबेन खान ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में टीबी होने पर उन्हें निजी अस्पतालों में सही निदान नहीं मिल पाया, लेकिन राजकोट डिस्ट्रिक्ट ट्यूबरकुलोसिस सेंटर की सहायता से उनका सही इलाज संभव हुआ। जामनगर और राजकोट में नियमित जांच और समय पर दवा लेने के कारण आज वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के अन्य सदस्य भी संक्रमित थे, लेकिन नियमित उपचार से वे भी अब टीबी मुक्त होकर स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।

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