सूरत : सिंधी समाज ने भगवान झूलेलाल की 1076वीं जयंती धूमधाम से मनाई
भगवान झूलेलाल की ज्योत प्रज्जवलित कर स्तुति की, शोभायात्राओं में झांकियां रहीं आकर्षण का केंद्र
सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल की 1076वीं जयंती और सिंधी नव वर्ष 'चेटीचंड' का पर्व शुक्रवार को उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भक्ति, संस्कृति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला।
उत्सव की शुरुआत सुबह पुज सूरत सिंधी पंचायत के नानपुरा कार्यालय में हुई, जहां प्रमुख वासुदेव गोपलाणी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर ज्योति प्रज्जवलित की। इसके साथ ही अठवा पार्टी प्लॉट, गोपी मार्केट और प्रेम प्रकाश आश्रम जैसे प्रमुख स्थानों पर धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए।
दोपहर में ' प्रसादी' के वितरण के बाद सिटीलाइट स्थित प्रेम प्रकाश आश्रम में भव्य भंडारे का आयोजन हुआ। शाम 5 बजे से अठवा पार्टी प्लॉट में सांस्कृतिक संध्या का आगाज हुआ, जहां कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। रात 9 बजे गाजे-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में भगवान झूलेलाल के जन्म की जीवंत झांकी, संत कंवर राम और स्वामी लीलाशाह के जीवन पर आधारित झांकियों ने सभी का मनमोह लिया। सिंधी क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन और सिंधु सेवा समिति सहित विभिन्न संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी रही।
यह शोभायात्रा अठवा, टिमलियावाड़ और नानपुरा होते हुए नावड़ी ओवारा पहुंची। यहां भक्तिमय माहौल में ज्योति का विसर्जन तापी नदी में किया गया। इस अवसर पर मुरलीधर लीलानी, शोभाराम गुलाबवानी, घनश्याम खट्टर और हरीश लालवानी सहित समाज के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे शहर में "आयो लाल, झूलेलाल" के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
