सूरत : 'सूरत कट डायमंड' को मिला GI टैग, दुनिया भर में होगी विशिष्ट पहचान
पाटन के पटोला और दार्जिलिंग टी की फेहरिस्त में शामिल हुआ सूरत का हीरा, अब वैश्विक बाज़ार में मिलेगी कानूनी सुरक्षा और असली पहचान
सूरत। विश्व के 90 प्रतिशत हीरों को तराशने वाले सूरत शहर के नाम एक और स्वर्णिम उपलब्धि जुड़ गई है। गुजरात में तैयार होने वाले पॉलिश डायमंड्स को अब आधिकारिक तौर पर "सूरत कट डायमंड" के नाम से जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI TAG) मिल गया है।
इस टैग के मिलने से अब सूरत और गुजरात के हीरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट ब्रांड वैल्यू और कानूनी सुरक्षा प्राप्त होगी।
13 मार्च 2026 को अहमदाबाद में एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (EDII) द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में यह सम्मान दिया गया।
भारत सरकार के कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट्स, डिज़ाइन्स एंड ट्रेड मार्क्स (CGPDTM) प्रो. डॉ. उन्नत पंडित और EDII के महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ला ने सूरत डायमंड एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीशभाई खूंट को 'सूरत कट डायमंड' का आधिकारिक GI सर्टिफिकेट सौंपा।
इस ऐतिहासिक अवसर पर एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष गौरव सेठी, पूर्व मंत्री दामजीभाई मवानी और कार्यकारी सदस्य भूपतभाई कनाला भी उपस्थित रहे।
क्या है GI टैग और सूरत के लिए इसके मायने?
GI (जियोग्राफिकल इंडिकेशन) टैग उन उत्पादों को दिया जाता है जो किसी विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र की पहचान होते हैं और जिनमें उस स्थान की विशेष गुणवत्ता समाहित होती है।
विरासत की पहचान: जैसे पाटन का पटोला और जामनगर की बांधनी मशहूर है, वैसे ही अब सूरत और गुजरात में तराशे गए हीरों को उनकी अनूठी कारीगरी के लिए पहचाना जाएगा।
वैश्विक दबदबा: चूंकि भारत के 90% पॉलिश हीरे सूरत में तैयार होते हैं, यह टैग यहाँ के लाखों कुशल कारीगरों की विरासत और हुनर पर मुहर लगाता है।
GI टैग से होने वाले प्रमुख लाभ:
लीगल प्रोटेक्शन: अब कोई अन्य देश या शहर 'सूरत कट' नाम का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। इससे नकल पर लगाम लगेगी।
ब्रांड वैल्यू में इज़ाफा: अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में ग्राहकों को प्रोडक्ट की शुद्धता और उसकी उत्पत्ति (Origin) पर भरोसा बढ़ेगा।
आर्थिक लाभ: विशिष्ट पहचान मिलने से वैश्विक मांग बढ़ेगी, जिसका सीधा आर्थिक लाभ डायमंड कंपनियों और इससे जुड़े व्यापारियों को मिलेगा।
सूरत डायमंड एसोसिएशन के अनुसार, इस कामयाबी से अब हमारे हीरों को दुनिया के किसी भी कोने में 'सूरत कट डायमंड' के ऑथेंटिक सर्टिफिकेट के साथ बेचा जा सकेगा। यह उपलब्धि मंदी के दौर से जूझ रही इंडस्ट्री के लिए एक नई ऊर्जा का संचार करेगी।
