सूरत : रांदेर ज़ोन में अवैध कमर्शियल गतिविधियों से बढ़ी चिंता, तक्षशिला जैसी घटना का डर
रिहायशी इलाकों के बीच फैक्ट्रियां और गोदाम, स्थानीय लोगों ने नगर निगम की लापरवाही पर उठाए सवाल
सूरत। शहर में रिहायशी इलाकों के बीच बढ़ती कमर्शियल और इंडस्ट्रियल गतिविधियों को लेकर लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। सूरत नगर निगम की कथित लापरवाही के चलते अब रांदेर ज़ोन में भी ऐसी समस्याएं सामने आने लगी हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में भय और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, वराछा ज़ोन के सानिया हेमद क्षेत्र में पहले से ही इस तरह की समस्याएं बनी हुई हैं, और अब रांदेर ज़ोन के उगत-जहांगीराबाद इलाके में भी हालात बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। पंचवटी सोसायटी और वारिगृह के पीछे के क्षेत्रों में रिहायशी परिसरों के बीच कथित रूप से फैक्ट्रियां और बड़े गोदाम संचालित किए जा रहे हैं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि चक्रधर सोसायटी के पास कब्जे की जमीन पर गैरकानूनी गतिविधियां तेजी से चल रही हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि इसी क्षेत्र के पास माधव सरस्वती स्कूल स्थित है। ऐसे में शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से आग लगने की स्थिति में बच्चों समेत कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।
निवासियों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो सरथाणा क्षेत्र में वर्ष 2019 में हुई तक्षशिला आग दुर्घटना जैसी घटना दोहराई जा सकती है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दो सोसायटियों के बीच लगभग 25 फीट ऊंची कंपाउंड वॉल बनाई गई है, जबकि नगर निगम के वार्ड कार्यालय के सामने दीवार मात्र 7 फीट ऊंची है, जो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि रिहायशी क्षेत्रों में चल रही अवैध कमर्शियल और इंडस्ट्रियल गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र में किसी बड़ी घटना या सामाजिक टकराव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
