सूरत : नगर निगम की जनरल मीटिंग में ऐतिहासिक फैसला, ‘मुगलसराय’ का नाम बदलकर ‘तापी भवन’ और ‘तापीपुरा’ किया गया
नगर निगम मुख्यालय और आसपास के इलाके का नाम बदला; सभी पार्षदों ने एकमत से प्रस्ताव को दी मंजूरी
सूरत। सूरत नगर निगम की मौजूदा टर्म की अंतिम जनरल मीटिंग में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। नगर निगम के मुख्यालय ‘मुगलसराय’ और उससे जुड़े इलाके का नाम बदलने के दो प्रस्ताव पेश किए गए, जिन्हें जनरल बोर्ड ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी।
जनरल बोर्ड की बैठक में महापौर दक्षेश मावाणी ने अध्यक्ष स्थान से प्रस्ताव रखते हुए बताया कि नगर निगम के हेडक्वार्टर ‘मुगलसराय’ का नाम अब ‘तापी भवन’ रखा जाएगा, जबकि आसपास के मुगलसराय क्षेत्र को आगे से ‘तापीपुरा’ के नाम से जाना जाएगा।
जैसे ही ये प्रस्ताव पेश किए गए, सभा कक्ष में मौजूद सभी पार्षद खड़े हो गए और बेंच थपथपाकर तथा “सनातन धर्म की जय” के नारे लगाकर फैसले का स्वागत किया। खास बात यह रही कि विपक्षी पार्षदों ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया और दोनों प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
प्रस्ताव रखते समय महापौर दक्षेश मावानी ने तापी नदी के तट पर बसे सूरत शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर का गौरवशाली इतिहास और पहचान तापी नदी से जुड़ी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह नाम परिवर्तन किया गया है।
उल्लेखनीय है कि मुगलसराय का नाम बदलने की मांग भाजपा पार्षद विजय चौमाल ने करीब सात वर्ष पहले उठाई थी। लंबे समय से चली आ रही इस मांग को आखिरकार नगर निगम की अंतिम आम बैठक में मंजूरी मिल गई और इसे लागू करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
आम सभा के बाद महापौर और नगर निगम के पदाधिकारियों ने नगर निगम मुख्यालय के प्रमुख द्वार पर ‘तापी भवन’ और ‘तापीपुरा’ की नई तख्तियों का विधिवत अनावरण भी किया। यह निर्णय शहर की पहचान और सांस्कृतिक विरासत से जोड़कर देखा जा रहा है।
मुगलसराय का नाम बदलने का फैसला ऐतिहासिक: पार्षद विजय चौमाल
2018 में पहली बार उठाई थी नाम परिवर्तन की मांग, अंतिम आम सभा में प्रस्ताव पारित होने पर जताया गर्व
सूरत। सूरत नगर निगम के वर्तमान शासकों की अंतिम आम सभा में नगर निगम मुख्यालय और आसपास के क्षेत्र का नाम बदलने के प्रस्ताव को ऐतिहासिक बताते हुए आंजणा-डुंभाल क्षेत्र के पार्षद तथा स्लम कमेटी के अध्यक्ष विजय चौमाल ने सदन को संबोधित किया।
विजय चौमाल ने अपने दूसरे कार्यकाल की अंतिम आम सभा में कहा कि महापौर दक्षेश मावाणी द्वारा नगर निगम मुख्यालय और आसपास के क्षेत्र का नाम बदलने के लिए पेश किया गया प्रस्ताव ऐतिहासिक और अभिनंदनीय है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय शहर की पहचान और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने वाला है।
चौमाल ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि अपने पहले कार्यकाल के दौरान उन्होंने 12 जुलाई 2018 को तत्कालीन नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर ‘मुगलसराय’ नाम बदलने की मांग की थी। लंबे समय से चली आ रही इस मांग को आज नगर निगम की अंतिम आम सभा में मंजूरी मिलते देख उन्हें गर्व महसूस हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में भाजपा शासित नगर निगम शहर के अन्य क्षेत्रों के नाम बदलने की दिशा में भी कदम उठा सकता है। इसमें मोटी बेगमवाड़ी और कादरशा की नाल जैसे क्षेत्रों के नाम परिवर्तन की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
पार्षद विजय चौमाल ने कहा कि शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार के निर्णय भविष्य में भी लिए जाते रहेंगे।
नगर निगम मुख्यालय का नाम ‘तापी भवन’ रखना ऐतिहासिक निर्णय: उप महापौर डॉ. नरेन्द्र पाटील
सूरत। सूरत नगर निगम की आम सभा में नगर निगम मुख्यालय और आसपास के क्षेत्र का नाम बदलने के प्रस्ताव को उप महापौर डॉ. नरेन्द्र पाटील ने ऐतिहासिक निर्णय बताया।
लिंबायत क्षेत्र के वार्ड नंबर 26 गोडादरा–डिंडोली उत्तर से पहली बार नगर निगम चुनाव जीतकर उप महापौर बने डॉ. नरेन्द्र पाटील ने अपने कार्यकाल की अंतिम आम सभा में लिए गए इस फैसले की सराहना की।
सूरत की लाइफलाइन तापी नदी सिर्फ़ पानी का सोर्स नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति, इंडस्ट्री और इतिहास का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम मुख्यालय का नाम ‘तापी भवन’ और इस क्षेत्र का नाम ‘तापीपुरा’ रखना उनके कार्यकाल का एक वंदनीय और ऐतिहासिक प्रस्ताव है।
तापी भवन नामकरण से सूरत की विरासत को मिला सम्मान: स्थायी समिति अध्यक्ष राजन पटेल
अंतिम आम सभा के फैसले की सराहना, कहा—तापी नदी की महिमा से विकसित हुआ सूरत शहर
सूरत। सूरत नगर निगम की अंतिम आम सभा में नगर निगम मुख्यालय का नाम ‘तापी भवन’ रखने के निर्णय की स्थायी समिति के अध्यक्ष राजन पटेल ने सराहना की और इसे ऐतिहासिक फैसला बताया।
राजन पटेल ने कहा कि तापी नदी के तट पर बसा सूरत शहर सूर्यपुत्री तापी नदी की महिमा से समृद्ध और विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि आज सूरत शहर दुनिया के सबसे तेजी से विकसित होने वाले शहरों में शामिल हो चुका है और इस विकास में तापी नदी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि शहर की पहचान और सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखते हुए नगर निगम मुख्यालय का नाम तापी नदी के नाम पर ‘तापी भवन’ रखना गर्व का विषय है।
राजन पटेल ने इस निर्णय को सूरत के इतिहास, गौरव और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ बताया। तापीपुरा और तापी भवन के नए नाम से यह विरासत और मज़बूत और गर्व करने लायक हो जाएगी।
अयोध्या में राम मंदिर और सूरत में तापी भवन बन गया है: अमित सिंह राजपूत
सूरत। नगर निगम में पूर्व रूलिंग पार्टी लीडर अमित सिंह राजपूत ने कहा कि मेरे 10 साल के कार्यकाल में सबसे अच्छी बात यह हुई है कि मुगलसराय का नाम बदलकर तापी भवन कर दिया गया है।
भाजपा ने अयोध्या में राम मंदिर बनाकर इतिहास रचा है, वहीं दूसरी तरफ सूरत शहर में मुगलसराय का नाम बदलकर तापी भवन कर दिया गया है, जो एक ऐतिहासिक घटना है।
सूरत आज सही मायने में तापी भवन बन गया है। विजय चौमल की मेहनत आज रंग लाई है। दक्षेश मावानी सक्षेश हुए हैं। बस इस बात का अफसोस है कि हमें जैसा विपक्ष चाहिए था, वैसा नहीं मिला। विपक्ष कमजोर था।
