सूरत : टीबी मुक्त भारत की ओर चैंबर का कदम; 'भ्रम मिटाओ, इलाज अपनाओ' के संकल्प के साथ विशेष सत्र आयोजित
WHO कंसल्टेंट डॉ. राहुल संघवी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के डॉ. संजय मट्टू ने दी अहम जानकारी
सूरत, 7 मार्च, 2026 – टीबी (ट्यूबरकुलोसिस) जैसी बीमारी को लेकर समाज में व्याप्त डर और भ्रांतियों को दूर करने के लिए सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। नानपुरा स्थित 'समृद्धि' भवन में 'ट्यूबरकुलोसिस: मिथक, तथ्य और रोकथाम' विषय पर एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।
सत्र की शुरुआत करते हुए चैंबर प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी ने कहा कि टीबी जैसी संक्रामक बीमारियों को लेकर आज भी समाज में कई गलतफहमियां मौजूद हैं, जिसके कारण लोग समय पर इलाज कराने से कतराते हैं। चैंबर का उद्देश्य विशेषज्ञों के माध्यम से सही जानकारी पहुंचाकर इस सामाजिक झिझक को खत्म करना है।
कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिरकत की। मुख्य वक्ता डॉ. राहुल संघवी (WHO कंसल्टेंट, गुजरात) ने स्पष्ट किया कि टीबी कोई लाइलाज बीमारी नहीं है।
उन्होंने इसके लक्षणों और फैलने के कारणों पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि "समय पर जांच और दवा का पूरा कोर्स" टीबी को पूरी तरह खत्म कर सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बीमारी को छुपाएं नहीं, बल्कि जागरूकता फैलाएं।
डॉ. संजय कुमार मट्टू (एडिशनल डिप्टी डायरेक्टर जनरल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय) ने 'नेशनल टीबी एलिमिनेशन प्रोग्राम' की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मुफ्त टेस्टिंग, मुफ्त दवाइयां और पोषण सहायता जैसी योजनाएं चला रही है।
पब्लिक हेल्थ कमेटी की चेयरपर्सन डॉ. पारुल वडगामा ने बताया कि यह सत्र विशेष रूप से बीमारी के शुरुआती संकेतों को पहचानने और इलाज के बीच में न छोड़ने की आदतों को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम का कुशल संचालन और आभार प्रदर्शन पब्लिक हेल्थ कमेटी के को-चेयरमैन डॉ. राजन देसाई ने किया। सत्र में बड़ी संख्या में चैंबर सदस्य और शहर के प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं का समाधान भी किया।
यह सत्र न केवल टीबी के प्रति वैज्ञानिक समझ विकसित करने में सहायक रहा, बल्कि इसने समाज को यह संदेश भी दिया कि सामूहिक प्रयासों से ही हम "टीबी मुक्त सूरत" का सपना साकार कर सकते हैं।
