ट्रम्प का ईरान को लेकर कड़ा रुख, कहा- जरूरत पड़ी तो थल सेना भी भेजेंगे

ट्रम्प का ईरान को लेकर कड़ा रुख, कहा- जरूरत पड़ी तो थल सेना भी भेजेंगे

वॉशिंगटन, 03 मार्च (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को व्हाइट हाउस में आयोजित एक समारोह में ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को लेकर अत्यंत कड़ा रुख अपनाया है।

उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु और मिसाइल ठिकानों को नष्ट करने के लिए यह अब तक का सबसे अच्छा और निर्णायक अवसर है और कहा कि जरूरत पड़ी तो वह खाड़ी में थल सेना भी भेजेंगे।

 ट्रम्प ने ये बयान व्हाइट हाउस में आयोजित एक समारोह में मेडल ऑफ ऑनर प्रदान करने और मीडिया ब्रीफिंग के दौरान दिये हैं। इसके अलावा उन्होंने ट्रूथ सोशल पर एक वीडियो संदेश भी जारी किया है। ट्रम्प के इस वक्तव्य को व्हाइट हाउस ने अपने वेबसाइट पर भी जारी किया है।

मीडिया से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ने घोषणा की है कि यह सैन्य कार्रवाई लगभग 4-5 सप्ताह तक चल सकती है, हालांकि उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि अमेरिका इससे कहीं अधिक समय तक युद्ध जारी रखने की पूरी क्षमता रखता है।

अमरीकी राष्ट्रपति ने अभियान की प्रगति साझा करते हुए दावा किया कि अमेरिकी सेना वर्तमान में अपनी तय समय सीमा से काफी आगे चल रही है। उन्होंने जानकारी दी कि केवल पिछले 24 घंटों के भीतर ईरान के 49 शीर्ष नेताओं को खत्म कर दिया गया है और ईरानी नौसेना के लगभग 9-10 युद्धपोतों को समुद्र में डुबो दिया गया है।

इसके अतिरिक्त अमेरिकी और इजरायली वायुसेना ने ईरान के नौसेना मुख्यालय और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के मुख्य ठिकानों पर भीषण हमले किये हैं।

युद्ध के अगले चरणों पर चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक बड़ा रणनीतिक संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि वे अन्य राष्ट्रपतियों की तरह पहले से यह नहीं कहेंगे कि ‘ग्राउंड ट्रूप्स’ यानी पैदल सेना नहीं भेजी जायेगी।

उन्होंने स्पष्ट रूप से थल सेना भेजने की संभावना से इनकार नहीं किया और कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो अमेरिका जमीन पर भी कड़ा प्रहार करेगा।

कुवैत में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत पर दुख जताते हुए उन्होंने संकल्प लिया कि इसका बदला लिया जायेगा और चेतावनी दी कि ईरान पर अभी एक ‘बड़ी लहर’ आनी बाकी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरानी जनता और वहां के सुरक्षा बलों को संबोधित करते हुए सीधी अपील की है। उन्होंने कहा कि यह ईरानी लोगों के लिए अपने देश को वापस पाने का सबसे ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने वहां की सेना से हथियार डालने और शासन के खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया।

ट्रम्प ने दोहराया कि अमेरिका का लक्ष्य शासन परिवर्तन और परमाणु खतरे को हमेशा के लिए समाप्त करना है, जिसके लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।