पाकिस्तान का पत्ता कट…ट्रंप ने ईरान को दिया बड़ा ऑफर, बोले-शांति वार्ता के लिए सीधे कर सकते हैं कॉल
अमेरिका, 27 अप्रैल (वेब वार्ता)। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फोन पर बातचीत का ऑफर देते हुए इस्लामाबाद मिशन रद्द कर दिया है। साथ ही, नाटो से अलग होने के संकेत देकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिकी और ईरानी अधिकारी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए फोन पर बातचीत कर सकते हैं।
ट्रंप ने ‘फॉक्स न्यूज चैनल’ को दिए साक्षात्कार में बताया कि उन्होंने उड़ान में 17 घंटे लगाकर प्रतिनिधिमंडल भेजने के बजाय यह निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि हमारे पास सभी विकल्प मौजूद हैं। अगर ईरान बातचीत करना चाहता है, तो वे सीधे अमेरिका आ सकते हैं या फोन पर संवाद कर सकते हैं।
इस वार्ता का दूसरा दौर तभी विवादास्पद हो गया जब ईरान के शीर्ष राजनयिक अब्बास अराघची पाकिस्तान से रवाना हो गए। इसके तुरंत बाद ट्रंप ने बताया कि उन्होंने अमेरिकी दूतों को इस्लामाबाद नहीं जाने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि वार्ता में प्रगति न होने के कारण मिशन रद्द कर दिया गया और ईरान जब चाहे, हमसे संपर्क कर सकता है।
नाटो से अलग होने पर विचार कर रहा अमेरिका: ट्रंप
इसी साक्षात्कार में डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वह इस सैन्य गठबंधन से ‘बहुत निराश’ हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका नाटो से अलग होने पर विचार कर सकता है क्योंकि सदस्य देशों ने ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को प्रभावी रूप से बंद करने के बाद अमेरिकी मदद की अपील को नजरअंदाज किया।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका कई वर्षों से नाटो देशों की मदद कर रहा है, खरबों डॉलर खर्च कर चुका है, लेकिन जब हमें उनकी जरूरत थी तो वे मौजूद नहीं थे।
24 घंटे में दूसरी बार पासिस्तान पहुंचे अराघची
इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद का दौरा फिर से किया। उन्होंने शनिवार देर रात वहां से मॉस्को जाने के लिए रवाना होने के बाद लौटकर वार्ता की संभावनाओं को जीवित रखा।
अराघची इससे पहले ओमान भी गए थे, जिसने पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की थी।
इस्लामाबाद वार्ता पर लटकी तलवार
पाकिस्तानी अधिकारियों ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के क्षेत्र में लौटने की तारीख के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को कहा था कि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर दूसरे दौर की वार्ता के लिए इस्लामाबाद भेजे जाएंगे, लेकिन अराघची के रवाना होने के बाद ट्रंप ने मिशन रद्द कर दिया। उन्होंने दोहराया कि ईरान जब चाहे अमेरिका से संपर्क कर सकता है।
