सूरत : श्री गोवर्धननाथजी की हवेली में हुआ होली रसिया प्रोग्राम
भक्तों के हृदय से जो सख्यभाव के स्वर निकलते हैं, वही भगवान की महिमा है : गो. व्रजराजकुमारजी
डूमस रोड पर स्थित श्री गोवर्धननाथजी की हवेली में रविवार को होली रसिया प्रोग्राम हुआ। वैष्णवाचार्य गोस्वामी व्रजराजकुमारजी के सान्निध्य में हुए इस प्रोग्राम में बड़ी संख्या में वैष्णवों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर वचनामृत देते हुए व्रजराजकुमारजी ने कहा कि होली का त्योहार आस्था और भरोसे का त्योहार है। होली के दौरान गाए जाने वाले रसिया के जरिए भक्तों के हृदय से सख्यभाव के स्वर निकलते हैं और भक्तों के दिल से जो सख्यभाव के स्वर निकलते हैं, वही भगवान की महिमा है।
भगवान पर बहुत आस्था और भरोसा होने के बावजूद भी जब हमें मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, तो भगवान पर से हमारा भरोसा डगमगाने लगता है, लेकिन हमें हमेशा यह भरोसा रखना चाहिए कि भगवान कभी हमारी रक्षा करते हुए कृपा करते है और कभी बिना रक्षा किए भी हमारे उपर कृपा करते हैं।
वैष्णवाचार्य ने आगे कहा कि जो जीव ब्रह्म संबंध दीक्षा लेकर भगवान के प्रति समर्पित हो जाता है, भगवान उसे कभी नहीं छोड़ते, इसकी गारंटी भगवान खुद देते हैं। पिछले रविवार को डुमस रोड पर श्री गोवर्धननाथजी की हवेली द्वारा आयोजित छप्पन भोग मनोरथ और अन्य कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए, ब्रजराजकुमारजी ने कहा कि यह वैष्णवों का सौभाग्य है कि श्री गोवर्धननाथजी की हवेली के माध्यम से वैष्णवों को ऐसे कार्यक्रमों का लाभ मिलता है। कार्यक्रम में सूरत के यमुना मंडल ने रसिया नृत्य प्रस्तुत किया।
