सूरत: मीतराज IDPT में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आगाज़; कला, विज्ञान और तकनीक के संगम पर जुटेंगे वैश्विक दिग्गज
'डिजाइनिंग आइडेंटिटीज' थीम पर यूरोप के 6 देशों के विशेषज्ञ साझा करेंगे अनुभव; समावेशी विकास और सांस्कृतिक पहचान पर होगा मंथन
सूरत, 25 फरवरी, 2026 – सार्वजनिक यूनिवर्सिटी और सार्वजनिक एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित मीतराज सार्वजनिक इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी (IDPT) में आज से तीन दिवसीय बहुविषयक (Multi-disciplinary) अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का भव्य शुभारंभ हुआ।
25 से 27 फरवरी तक चलने वाले इस सम्मेलन का उद्घाटन सार्वजनिक एजुकेशन सोसायटी कैंपस के तारा-मोती हॉल में किया गया। इस वर्ष की कॉन्फ्रेंस का विषय 'डिजाइनिंग आइडेंटिटीज: इंटरसेक्शन्स ऑफ आर्ट, आर्किटेक्चर, कल्चर, रिलिजन, साइंस, टेक्नोलॉजी एंड सोसाइटी' रखा गया है।
इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के आपसी तालमेल के जरिए समाज की संरचना और पहचान को समझना है, ताकि भविष्य में समावेशी और टिकाऊ विकास सुनिश्चित किया जा सके।
कॉन्फ्रेंस के पहले दो दिन वैश्विक चर्चाओं के नाम रहेंगे, जिसमें यूरोप के प्रमुख वक्ता अपने अनुभव साझा करेंगे:
पहले दिन के मुख्य वक्ता: बेल्जियम के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री Giuseppe Savino, रोमानिया की टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ क्लुज-नापोका से प्रो. Ioana Moldovan व प्रो. Tiganas Dragoş, और नीदरलैंड की वरिष्ठ सलाहकार Esther Knapen ने अपने विचार रखे।
दूसरे दिन का सत्र: प्रो. Silivan Moldovan के साथ ही बेल्जियम की राजनयिक Rensje-Teerink और प्रो. Cristina Mihaela Campian वैश्विक परिप्रेक्ष्य में तकनीकी और सांस्कृतिक बदलावों पर चर्चा करेंगे।
सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं द्वारा तीन प्रमुख विषयों पर रिसर्च पेपर्स प्रस्तुत किए जाएंगे:
सोशियो-कल्चरल प्रैक्सिस: समाज और संस्कृति का व्यावहारिक तालमेल।
साइंस, टेक्नोलॉजी एंड मीडिया: आधुनिक युग में तकनीक और संचार का प्रभाव।
बिजनेस, मैनेजमेंट एंड एजुकेशन: शिक्षा और प्रबंधन के क्षेत्र में उभरते नए ट्रेंड्स।
आयोजकों के अनुसार, यह कॉन्फ्रेंस सूरत के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। अंतिम दिन पैनल डिस्कशन के माध्यम से पूरे सम्मेलन के निष्कर्षों पर सामूहिक मंथन किया जाएगा, जो नीति-निर्माण और भविष्य की परियोजनाओं के लिए दिशा-निर्देश का काम करेगा।
