एआई सम्मेलन में विरोध प्रदर्शन: युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार, दिल्ली में कड़ी सुरक्षा

एआई सम्मेलन में विरोध प्रदर्शन: युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार, दिल्ली में कड़ी सुरक्षा

नई दिल्ली, 24 फरवरी (वेब वार्ता)। दिल्ली पुलिस ने पिछले सप्ताह यहां एआई इम्पैक्ट समिट में भारतीय युवा कांग्रेस के सदस्यों के एक समूह द्वारा कमीज उतारकर किए गए विरोध प्रदर्शन के संबंध में संगठन के अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

चिब की गिरफ्तारी के बाद विरोध प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए पुलिस ने राजधानी के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। चिब की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या आठ हो गई है।

पुलिस ने गत शुक्रवार को भारत मंडपम में हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के सात कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था, जिनमें से तीन को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से पकड़ा गया था। उनकी पहचान जितेंद्र यादव, राज गुज्जर और अजय कुमार के रूप में की गयी
है।

इसके अलावा, युवा कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के महासचिव रितिक उर्फ ​​मोंटी शुक्ला को राज्य के ललितपुर से हिरासत में लिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर, विशेष रूप से नई दिल्ली में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।

तिलक मार्ग पुलिस थाने के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जहां फिलहाल चिब को हिरासत में रखा गया है, जबकि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों पर अवरोधक लगा दिए गए हैं और दंगा-रोधी टीम तैयार हैं।

अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को भी तैयार रहने के लिए कहा गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर तैनात कर्मियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि यातायात सुचारू रूप से चलता रहे।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘हमारी प्राथमिकता सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि दैनिक जीवन में कोई बाधा न आए। यदि कोई समूह बिना अनुमति के इकट्ठा होने का प्रयास करता है तो निवारक उपाय लागू किए जा सकते हैं।’’

पुलिस के अनुसार, प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अतिरिक्त धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें 196 (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना और सद्भाव विरोधी हानिकारक कृत्य) और 197 (राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक बयान) शामिल हैं, जिनमें तीन साल तक की कैद का प्रावधान है।