सूरत : डुमस रोड स्थित गोवर्धननाथजी हवेली में छप्पन भोग के दर्शन, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

देश-विदेश से पहुंचे भक्तों ने 56 व्यंजनों के भोग के दर्शन कर लिया आशीर्वाद, अनुशासित व्यवस्था की सराहना

सूरत : डुमस रोड स्थित गोवर्धननाथजी हवेली में छप्पन भोग के दर्शन, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

डुमस रोड स्थित श्री गोवर्धननाथजी हवेली में रविवार को आयोजित छप्पन भोग के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सूरत सहित आसपास और अन्य शहरों से बड़ी संख्या में भक्त ठाकोरजी के 56 प्रकार के व्यंजनों से सुसज्जित भोग के दर्शन करने पहुंचे और प्रसाद का लाभ लिया। पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा।

आयोजन को सफल बनाने में गोवर्धननाथजी हवेली ट्रस्ट के सदस्यों ने हेमंतभाई के साथ मिलकर व्यवस्थाओं की कमान संभाली। ट्रस्ट द्वारा की गई सुव्यवस्थित व्यवस्था के चलते भक्तों ने अनुशासन में रहकर दर्शन किए और संतोष व्यक्त किया।

पुष्टिमार्गीय परंपरा से जुड़ी इस हवेली की नींव 26 मार्च 1995 को परम पूज्य 108 श्री व्रजरत्नलालजी महाराजश्री द्वारा रखी गई थी। अगले महीने इस प्राणप्रतिष्ठा को 31 वर्ष पूर्ण हो जाएंगे। हवेली में विराजमान लालन स्वरूप स्वर्गीय श्रीमती शशिकलाबेन शाह की घर सेवा ठाकोरजी माने जाते हैं, जिनकी प्रेरणा से इस पवित्र स्थल का निर्माण हुआ। वर्तमान में इसका संचालन श्री गोवर्धन ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है, जो एक पंजीकृत चैरिटेबल ट्रस्ट है।

पुष्टिमार्ग की स्थापना श्री वल्लभाचार्यजी ने की थी और इसकी सेवा व्यवस्था श्री गुंसाईजी द्वारा निर्धारित की गई। इस परंपरा में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की सेवा की जाती है। छप्पन भोग में ठाकोरजी को 56 प्रकार के व्यंजनों का प्रसाद अर्पित किया जाता है, जिसका विशेष महत्व वैष्णव धर्म में माना जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के कोप से ब्रजवासियों की रक्षा के लिए सात दिनों तक गोवर्धन पर्वत उठाए रखा था और उस दौरान उन्होंने अन्न ग्रहण नहीं किया। इसके बाद गोपियों ने सात दिनों तक आठ प्रहर के अनुसार कुल 56 प्रकार के भोग अर्पित किए, जिसकी स्मृति में आज भी छप्पन भोग की परंपरा श्रद्धा के साथ मनाई जाती है।

Tags: Surat