सूरत : नगर निगम का 11301 करोड़ का बजट दो दिनों की चर्चा के बाद हुआ पारित
2 दिन की मैराथन चर्चा में कुल 82 नगर सेवकों ने बजट के दौरान चर्चा में हिस्सा लिया
सूरत। सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की स्टैंडिंग कमेटी ने म्युनिसिपल कमिश्नर द्वारा पेश किए गए बजट को बढ़ाते हुए जनरल मीटिंग में 11301 करोड़ का बजट पेश किया। इस बजट पर लगातार दूसरे दिन चर्चा शुरू हुई।
16 फरवरी को पहले दिन और 17 फरवरी को दुसरे दिन बजट की जनरल मीटिंग सत्ता पक्ष और विपक्ष के कुल 82सदस्यों ने अपने विचार रखे। शासक पक्ष के सदस्यों ने बजट के बखान किए जबकी विपक्ष के सदस्यों ने बजट को आंकडे की मायाजाल बताया।
मंगलवार शाम स्थायी समिति अध्यक्ष, उप माहौपर, सूरत नगर निगम आयुक्त और महापौर के बजट पर वकत्वय के साथ ही बजट पारित हो गया और बजट को मंज़ूरी देकर राज्य सरकार को भेज दिया ।
सूरत से मुंबई जुहू चौपाटी एक घंटे में पहुंचा जा सकता है: महापौर
महापौर दक्षेश मावाणी ने जनरल मीटिंग के आखिर में कहा कि 2 दिन की मैराथन चर्चा में कुल 82 नगर सेवकों ने बजट के दौरान चर्चा में हिस्सा लिया। जिसमें में कुल 1020 मिनट तक बात की और हेल्दी चर्चा की। महापौर ने 1995 से अब तक के सभी मेयर को भी याद किया। उन्होंने कहा साल 1995 में पहला बजट 240 करोड़ का था और 30 साल में बजट का साइज 47 गुना बढ़कर 11,000 करोड़ के पार हो गया है।
यह गलत है कि विपक्ष द्वारा दिल्ली में सूरत शहर की रेप्युटेशन खराब की जा रही है और खजोद डिस्पोजल साइट के बारे में बात करने के लिए दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की जा रही है, विपक्ष ने कहा, इसमें गलत क्या है? मेयर ने कहा, यह गलत है। मेयर ने सूरत शहर के डेवलपमेंट की बात करते हुए कहा कि बुलेट ट्रेन से सूरत शहर को सौ गुना से भी ज्यादा फायदा होगा क्योंकि सूरत एक ही घंटे में मुंबई बीकेसी पहुंच जाएगा।
विपक्ष की नेता पायल सकारिया को जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि आपके माता-पिता पैदल चलने के लिए सवजी कोराट ब्रिज पर बैठते थे, अब वे एक घंटे में मुंबई जुहू चौपाटी पहुंच जाएंगे। दुनिया का कोई भी शहर ड्रेनेज वॉटर को रीसायकल करके रेवेन्यू नहीं कमाता, लेकिन सूरत अकेला ऐसा शहर है जो ऐसा करता है, जिसकी तारीफ विदेशों में भी हुई है।
मौजूदा टर्म पूरा होने से पहले डुमस सी फेस का उद्घाटन किया जाएगा: स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन राजन पटेल
स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन राजन पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'डेवलप्ड इंडिया @2047' के विजन को पूरा करने के मकसद से सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने बिना किसी नए टैक्स के लगातार तीसरा डेवलपमेंट वाला 'रेवेन्यू सरप्लस' बजट पेश किया है।
इस बजट में एजुकेशन और यूथ डेवलपमेंट पर खास जोर देते हुए नगर प्राइमरी एजुकेशन कमेटी के लिए 1062.93 करोड़ रुपये के प्रोविजन के साथ स्टूडेंट्स को स्पोर्ट्स यूनिफॉर्म, AR/VR लैब, 7D लैब और मॉडर्न लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं देने का फैसला किया गया है। इसके अलावा, सूरत को टेक्नोलॉजी के फील्ड में स्मार्ट बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये की लागत से 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) लैब' और इंटरनेशनल लेवल का 'STEM और रोबोटिक्स ओलंपियाड' ऑर्गनाइज करके आने वाली पीढ़ी को तैयार करने का फैसला किया गया है।
इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि सूरतियों की खास जगह डुमस सी फेस का उद्घाटन जल्द ही शासकों द्वारा किया जाएगा। सामाजिक ज़िम्मेदारी और बुनियादी सुविधाओं के मामले में, इस बजट में गंगा स्वरूपा (विधवा) बहनों को प्रॉपर्टी टैक्स से पूरी छूट और 'सूरती हाट' में मुफ़्त दुकानें देकर रोज़गार के मौके देने का अहम ऐलान किया गया है।
हेल्थ सेक्टर में, 'टीबी फ़्री सूरत' कैंपेन और सीनियर सिटिज़न्स के लिए 'वदिल वंदना योजना' के तहत मुफ़्त हेल्थ चेक-अप के साथ-साथ बीआरटीएस में मुफ़्त यात्रा जैसी लोगों से जुड़ी सुविधाएँ शामिल हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए, सूरत की आर्थिक फ़ायदेमंदता और पर्यावरण की सुरक्षा को बनाए रखते हुए, आरसीसी सड़कों, पानी जमा करने के लिए रिचार्ज बोरवेल और नेचर पार्कों के मॉडर्नाइज़ेशन के लिए 200 करोड़ रुपये का एलोकेशन तैयार किया गया है।
सूरत बजट: बिना टैक्स बढ़ाए विकास का 'बैलेंस्ड' मॉडल; डिप्टी मेयर डॉ. नरेंद्र पाटिल ने गिनाईं उपलब्धियां
लिंबायत को मिली बड़ी सौगात: नए स्कूल, हेल्थ सेंटर और अत्याधुनिक ऑडिटोरियम के लिए बजट में प्रावधान
सूरत।सूरत नगर निगम के 11,301 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट पर चर्चा करते हुए उप महापौर (डिप्टी मेयर) डॉ. नरेंद्रभाई पाटिल ने इसे 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को साकार करने वाला बजट बताया। उन्होंने गर्व के साथ रेखांकित किया कि शहर की जनता पर एक भी रुपये का अतिरिक्त टैक्स रेट बढ़ाए बिना संतुलित विकास का यह खाका तैयार किया गया है।
डॉ. नरेंद्र पाटिल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र वार्ड नंबर 26और लिंबायत जोन के लिए मंजूर किए गए महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की जानकारी साझा की। वार्ड में 4 नए स्कूलों की घोषणा की गई है। विधायक श्रीमती संगीताबेन पाटिल द्वारा 10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली नई स्कूल बिल्डिंग का शिलान्यास भी किया जा चुका है।
क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक पुराने सेंटर के नवीनीकरण के साथ-साथ एक पूर्णतः नए हेल्थ सेंटर का प्रावधान किया गया है नई ड्रेनेज लाइनें, पानी की पाइपलाइनें और सीसी रोड बिछाने का काम प्राथमिकता पर लिया गया है। लिंबायत के नीलगिरी ग्राउंड में एक अत्याधुनिक (State-of-the-art) ऑडिटोरियम बनाने की मांग को इस बजट में प्रमुखता से कि गई है।
डिप्टी मेयर ने बताया कि यह बजट केवल एक इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित और विकासशील इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया है।
लिंबायत इलाके की 200 सोसायटियों में से 140 में CC सड़कें बनाई गई हैं और 1.05 लाख की आबादी के लिए 3 हेल्थ सेंटर बनाए गए हैं।वेसू ,अठवालाईन्स जैसा ही विकास लिंबायत में हो रहा है जो क्षेत्र की सूरत बदल देगा।हेल्थ, एजुकेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच संतुलन बिठाया गया है ताकि सूरत ग्लोबल सिटी के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर सके।
डिप्टी मेयर ने सदन में बजट के दौरान अपने संदेश में कहा कि "हमने पारदर्शिता के साथ बिना आर्थिक बोझ डाले शहर के हर कोने तक विकास पहुँचाने का संकल्प लिया है। यह बजट सूरत की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
सूरत को वर्ल्ड-क्लास शहर कैसे बनाया जाए, इस पर टीम सूरत काम कर रही है: म्युनिसिपल कमिश्नर एम. नागराजन
म्युनिसिपल कमिश्नर एम. नागराजन ने कहा कि हाल ही में बजट पेश किया गया है और टीम सूरत लगातार इस पर काम कर रही है कि सूरत को वर्ल्ड-क्लास शहर कैसे बनाया जाए। बजट में प्रोजेक्ट्स को शामिल करना एक चुनौती है और इससे पार पाना मुश्किल है। हम सबका साथ और विकास, साथ ही सबका विश्वास और सबकी कोशिशों के लिए कोशिश करेंगे।
हमें सभी सदस्यों पदाधिकारियों का सपोर्ट है और हम अधिकारियों तथा पदाधिकारियों की टीम और सूरत के लोगों को साथ मिलकर काम करने की कोशिश करेंगे। हम 15 साल से गुजरात की सेवा कर रहे हैं, इसलिए गुजराती बोली से हमारा सीना भी चौड़ा होता है। हम सूरत की इज्जत और सम्मान बनाए रखने की पूरी कोशिश करेंगे।
सूरत में कई टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री हैं जिन्हें विदेशी देश देखने आते हैं, इसलिए हम उनकी क्षमता को बाहर लाने की कोशिश करेंगे। बच्चों को सूरत से होने का फायदा दिया जाएगा। उनके करिकुलम में AI रोबोटिक्स और एडवांस्ड एजुकेशन दी जाएगी।
