सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के 11,301 करोड़ के बजट पर दो दिवसीय मैराथन चर्चा सोमवार से

2026-27 के वार्षिक बजट पर रूलिंग और विपक्ष आमने-सामने, आखिरी टर्म मीटिंग में बढ़ेगा सियासी तापमान

सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के 11,301 करोड़ के बजट पर दो दिवसीय मैराथन चर्चा सोमवार से

सूरत : सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की स्टैंडिंग कमेटी से मंज़ूर वर्ष 2026-27 के लिए 11,301 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट पर कल से दो दिनों तक जनरल मीटिंग में विस्तृत चर्चा होगी। सोमवार सुबह 10 बजे शुरू होने वाली इस मैराथन बैठक में सत्तापक्ष और विपक्ष के सभी पार्षद भाग लेंगे।

गौरतलब है कि म्युनिसिपल कमिश्नर द्वारा प्रस्तुत मूल बजट में स्टैंडिंग कमेटी ने शहर के विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये के अतिरिक्त संशोधनों (अमेंडमेंट) का सुझाव देते हुए इसे अंतिम रूप दिया है।

बजट में विशेष रूप से डायमंड सिटी की आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के विस्तार और हाल ही में शामिल हुए नए क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। सत्तारूढ़ पार्टी इस बजट को “डेवलपमेंट-ओरिएंटेड” करार दे रही है।

खास बात यह है कि मौजूदा कार्यकाल के पार्षदों के लिए यह आखिरी बजट जनरल मीटिंग है। पांच साल का कार्यकाल समाप्ति की ओर होने के कारण इस बार राजनीतिक माहौल और अधिक गरम रहने की संभावना है। माना जा रहा है कि सभी सदस्य बजट के आंकड़ों का गहन अध्ययन कर अपने-अपने वार्ड के मुद्दों को आक्रामक तरीके से उठाएंगे।

दूसरी ओर, विपक्ष ने भी विभिन्न मुद्दों पर सत्तापक्ष को घेरने के लिए रणनीति तैयार की है। विपक्ष के नेता ने दो दिन पहले लिखित प्रस्तुति देकर सभी सदस्यों को समान रूप से बोलने का समय देने की मांग की थी। संभावना जताई जा रही है कि अधूरे प्रोजेक्ट्स और स्मार्ट सिटी के नाम पर हुए खर्चों को लेकर सदन में हंगामा हो सकता है।

पिछले वर्षों में भी बजट चर्चा के दौरान भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली थी। इस बार भी ऐसी स्थिति दोहराई जा सकती है।

दो दिवसीय चर्चा के समापन पर बजट को बहुमत से पारित किए जाने की संभावना है, जिसके आधार पर आगामी वर्ष में सूरत शहर के विकास की दिशा और प्राथमिकताएं तय होंगी।