सूरत : न्यू सिविल अस्पताल की बड़ी उपलब्धि; राज्य में पहली बार शुरू हुई आधुनिक 'कैथ लैब' सेवा
सुपर स्पेशियलिटी प्रोजेक्ट के तहत 4 करोड़ की मशीन से होगा मुफ्त इलाज; हार्ट ब्लॉकेज से लेकर न्यूरो संबंधी बीमारियों का मिलेगा समाधान
सूरत। सूरत के न्यू सिविल अस्पताल (NCHC) ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। राज्य सरकार के सुपर स्पेशियलिटी प्रोजेक्ट के तहत, अस्पताल में गुजरात के सरकारी सेक्टर की पहली स्टेट-ऑफ-द-आर्ट कार्डियक कैथीटेराइजेशन लैबोरेटरी (कैथ लैब) शुरू की गई है।
इस सेवा के शुरू होने से अब गरीब और मध्यम वर्गीय मरीजों को हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी गंभीर बीमारियों का महंगा इलाज पूरी तरह मुफ्त मिल सकेगा।
न्यू सिविल अस्पताल की सुपरिटेंडेंट डॉ. धारित्री परमार ने बताया कि अस्पताल में करीब 3 से 4 करोड़ रुपये की लागत वाली एडवांस्ड 'बाइप्लेन मशीन' स्थापित की गई है।
एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, स्टेंटिंग और पेसमेकर इम्प्लांटेशन जैसी प्रक्रियाएं, जिनके लिए निजी अस्पतालों में 50 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं, यहाँ निःशुल्क की जाएंगी।
इस लैब के जरिए न केवल हार्ट ब्लॉकेज, बल्कि सिर से लेकर पैर तक की किसी भी नस (ब्लड वेसल) की जांच और उपचार संभव होगा। कैथ लैब सेवा के पहले ही दिन डॉक्टरों की टीम ने कमाल कर दिखाया। टीम ने ब्रेन (सिर) और पैर की समस्या से जूझ रहे मरीजों का सफल एंडोवैस्कुलर इंटरवेंशनल ट्रीटमेंट किया। वर्तमान में ये सेवाएं अपॉइंटमेंट के आधार पर दी जा रही हैं।
सुपर स्पेशियलिटी हब बनता न्यू सिविल अस्पताल में न्यूरोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग पहले ही कार्यरत्त हैं। अब कार्डियोलॉजी विभाग की इस आधुनिक लैब के शुरू होने से मरीजों को एक ही छत के नीचे सभी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं मिल सकेंगी। भविष्य में हृदय रोग से जुड़े अन्य जटिल ऑपरेशनों की सुविधा भी यहाँ शुरू करने की योजना है।
नर्सिंग काउंसिल के इकबाल कड़ीवाला ने इस पहल को गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि आधुनिक कैथ लैब शुरू होने से न केवल मरीजों को फायदा होगा, बल्कि नर्सिंग छात्रों को भी सुपर स्पेशियलिटी क्षेत्रों में प्रशिक्षण के बेहतर अवसर और सीटें मिल सकेंगी।
इस प्रोजेक्ट को साकार करने में आरएमओ डॉ. केतन नायक, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रयाग मकवाना, रेडियोलॉजी विभाग की डॉ. पूर्वी देसाई, डॉ. हीरेन राठौड़ और नर्सिंग सुपरिटेंडेंट नीरजा पटेल सहित पूरी तकनीकी टीम का विशेष योगदान रहा।
