वडोदरा में एयरबस–गति शक्ति यूनिवर्सिटी का एयरोस्पेस सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस शुरू
सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल और भविष्य की एयरोस्पेस तकनीकों पर होगा रिसर्च, स्टूडेंट-लीड इनोवेशन को मिलेगा बढ़ावा
एयरबस ने गुजरात के वडोदरा स्थित गति शक्ति यूनिवर्सिटी में एयरोस्पेस स्टडीज़ के लिए सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया। इस सेंटर का उद्देश्य सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) और भविष्य की एयरोस्पेस तकनीकों पर उन्नत रिसर्च को बढ़ावा देना है, जिसमें छात्रों की अगुवाई में इनोवेटिव आइडियाज़ को विकसित किया जाएगा।
गति शक्ति यूनिवर्सिटी ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए भारत की एक अनूठी, इंडस्ट्री-लेड सेंट्रल यूनिवर्सिटी है। एयरबस और यूनिवर्सिटी के बीच यह सहयोग भारत के एयरोस्पेस सेक्टर को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस का उद्घाटन एयरबस इंडिया और साउथ एशिया के प्रेसिडेंट एवं मैनेजिंग डायरेक्टर जुर्गन वेस्टरमेयर ने किया। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी की मेंबर राजमाता शुभांगीराजे गायकवाड़ तथा गति शक्ति यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर प्रो. (डॉ.) मनोज चौधरी भी उपस्थित रहे।
उद्घाटन समारोह में जुर्गन वेस्टरमेयर ने कहा कि गति शक्ति यूनिवर्सिटी में सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस की शुरुआत भारत में एक मजबूत एयरोस्पेस इकोसिस्टम विकसित करने के लिए एयरबस की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि यहां म्युनिसिपल वेस्ट को सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल में बदलने जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर रिसर्च की जाएगी, जिससे छात्र भविष्य के एविएशन सेक्टर का नेतृत्व करने में सक्षम बनेंगे और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को बल मिलेगा।
राजमाता शुभांगीराजे गायकवाड़ ने इस महत्वपूर्ण साझेदारी के लिए एयरबस और गति शक्ति यूनिवर्सिटी को बधाई देते हुए इसे शिक्षा और उद्योग के बीच सशक्त सहयोग का उदाहरण बताया।
वाइस-चांसलर प्रो. (डॉ.) मनोज चौधरी ने कहा कि चांसलर अश्विनी वैष्णव के मार्गदर्शन में गति शक्ति यूनिवर्सिटी इंडस्ट्री से जुड़े शिक्षा और रिसर्च मॉडल को विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि एयरबस के साथ यह साझेदारी देश के लिए एक रोल मॉडल है और सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस, एयरबस चेयर प्रोफेसरशिप तथा स्कॉलरशिप जैसी पहलें भारत के एयरोस्पेस सेक्टर के विकास में अहम भूमिका निभाएंगी।
गौरतलब है कि एयरबस और गति शक्ति यूनिवर्सिटी के बीच वर्ष 2024 से व्यापक साझेदारी जारी है। इसके तहत 45 मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पूर्ण छात्रवृत्ति दी जा रही है, जिनमें से एक-तिहाई छात्रवृत्तियां महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी में एयरोस्पेस स्टडीज़ के लिए एयरबस चेयर प्रोफेसरशिप भी शुरू की गई है।
दोनों संस्थानों के बीच सस्टेनेबल एविएशन सॉल्यूशंस विकसित करने के लिए एक संयुक्त रिसर्च एग्रीमेंट भी किया गया है। यह रिसर्च म्युनिसिपल वेस्ट से सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल तैयार करने पर केंद्रित है, जिससे भारत में एविएशन फ्यूल के लिए एक स्थानीय और पर्यावरण-अनुकूल प्रणाली विकसित की जा सके।
