भारत में बनेगा वर्ल्ड क्लास हेलिकॉप्टर इकोसिस्टम, एक ही स्थान पर होगी मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली, प्रशिक्षण : जीत अदाणी

भारत में बनेगा वर्ल्ड क्लास हेलिकॉप्टर इकोसिस्टम, एक ही स्थान पर होगी मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली, प्रशिक्षण : जीत अदाणी

अहमदाबाद, 03 फरवरी (वेब वार्ता)। अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के निदेशक जीत अदाणी ने मंगलवार को कहा कि इटली की दिग्गज कंपनी लियोनार्डो हेलिकॉप्टर्स के साथ मिलकर वे भारत की जमीन पर एक ऐसा इकोसिस्टम बनाएंगे, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली, प्रशिक्षण और वर्ल्ड क्लास सपोर्ट एक ही स्थान पर मिलेगा।

लियोनार्डो के साथ साझेदारी का ऐलान करते हुए जीत अदाणी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि देश की हेलिकॉप्टर क्षमताएं यहां से मजबूत एवं स्थिर होंगी और पीढ़ियों तक मजबूत रहेंगी।

अपनी भाषण में जीत अदाणी ने आगे कहा,”इस पहल का एक गहरा सामाजिक आयाम भी है। दुनिया भर में, हेलीकॉप्टर जीवन बचाने, आशा जगाने और सबसे अधिक जरूरत के समय राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ब्राजील और जापान जैसे देशों ने यह प्रदर्शित किया है कि चिकित्सा देखभाल, आपातकालीन प्रतिक्रिया और समुदायों को जोड़ने में रोटरी-विंग विमान कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा,”भारत के शहर बड़े हो रहे हैं, हमारी आकांक्षाएं बढ़ रही हैं और ऐसी क्षमताओं की आवश्यकता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। अब समय आ गया है कि हमारे लोग इन सेवाओं का अनुभव इस आश्वासन के साथ करें कि इन्हें भारत में निर्मित, भारत के लिए बनाए गए एक इकोसिस्टम द्वारा तैयार किया जा रहा है।”

भारत की सैन्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस साझेदारी के तहत चरणबद्ध स्वदेशीकरण, मजबूत रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) क्षमताओं को और पायलट ट्रेनिंग प्रोग्राम को विकसित किया जाएगा।

जीत अदाणी के अनुसार, हाल के महीनों में, उन्होंने एक बड़े एविएशन और एयरोस्पेस विजन को आकार देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
उन्होंने आगे कहा,”हाल ही में घोषित एम्ब्रेयर के साथ हमारा सहयोग हमारी लंबी अवधि की सोच का नतीजा है।

जैसे-जैसे हम इन पहलों को एक साथ ला रहे हैं, हम एक ऐसे एविएशन इकोसिस्टम की नींव रख रहे हैं जो देश की सिविल और रक्षा जरूरतों को पूरा करेगा और भारत की एयरोस्पेस महत्वाकांक्षाओं में महत्वपूर्ण योगदान देगा।”

जीत अदाणी ने आगे कहा कि वे केंद्र सरकार की ओर से मजबूत समर्थन और विजन के लिए भी उतने ही आभारी हैं। उन्होंने कहा,”आज रक्षा सचिव और नागर विमान सचिव की उपस्थिति एक शक्तिशाली संदेश देती है कि भारत एक विश्व स्तरीय एयरोस्पेस भविष्य बनाने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, नीतियों और पार्टनरशिप को बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”