सूरत : एमएसएमई को सशक्त बनाने सेतु फाउंडेशन और एसजीसीसीआई ने आयोजित किया आईपीआर जागरूकता कार्यक्रम
ग्लोबल मार्केट में टिकने के लिए ट्रेडमार्क और पेटेंट को 'खर्च' नहीं 'इन्वेस्टमेंट' समझें उद्यमी; एक्सपर्ट्स ने दी सब्सिडी और लीगल प्रोटेक्शन की जानकारी
सूरत। सूरत के एमएसएमई सेक्टर को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (आईपीआर ) के माध्यम से सशक्त बनाने के उद्देश्य से सेतु फ़ाउंडेशन और द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) द्वारा बुधवार, 28 जनवरी 2026 को सरसाना स्थित उषाकांत मार्फतिया हॉल में एक दिवसीय इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी अवेयरनेस प्रोग्राम का सफल आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम एमएसएमई मंत्रालय की एमएसएमई इनोवेटिव स्कीम के आईपीआर घटक के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसकी थीम थी — “इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स के ज़रिए सूरत के एमएसएमई को मज़बूत बनाना”।
कार्यक्रम के स्वागत भाषण में सेतु फ़ाउंडेशन के चेयरमैन और एसजीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष हेतल मेहता ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी वैश्विक वातावरण में एमएसएमई उद्योगों के लिए अपने नवाचार, ब्रांड, डिज़ाइन और तकनीक की सुरक्षा बेहद आवश्यक हो गई है।
आईपीआर की सही समझ और उसके प्रभावी उपयोग से एमएसएमई दीर्घकालिक और टिकाऊ विकास हासिल कर सकते हैं।एसजीसीसीआई के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने कहा कि सूरत एक प्रमुख औद्योगिक शहर है और यहां के एमएसएमई उद्यमियों को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एसजीसीसीआई उद्योगों को मार्गदर्शन और नीति-समर्थन प्रदान करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
सेतु फ़ाउंडेशन कीआईपीएफसी हेड, सीएस विजया माहेश्वरी ने आईपीआर से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, डिज़ाइन रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ एमएसएमई मंत्रालय द्वारा उपलब्ध आईपीआर सब्सिडी और सहायता योजनाओं की जानकारी दी तथा बताया कि आईपीएफसी किस प्रकार एमएसएमई के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
आईपी विशेषज्ञ डॉ. अनिल सरावगी ने अपने संबोधन में आईपीआर के प्रैक्टिकल पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए उद्यमियों को सलाह दी कि वे इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी को खर्च नहीं बल्कि निवेश के रूप में देखें। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से आईपी प्रोटेक्शन के लाभ समझाए।
वहीं आईपी विशेषज्ञ डॉ. पंकज गांधी ने एमएसएमई के लिए आईपीआर की रणनीतिक महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि इंडस्ट्री में वैल्यू एडिशन के लिए इनोवेशन और उसकी सुरक्षा आवश्यक है। उन्होंने सरल भाषा में आईपी फाइलिंग की प्रक्रिया भी समझाई।
कार्यक्रम के अंत में सेतु फ़ाउंडेशन के डायरेक्टर और एसजीसीसीआई मैनेजिंग कमिटी के सदस्य श्री पंकज त्रिवेदी ने उपस्थित उद्योगपतियों, प्रोफेशनल्स और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। पूरे कार्यक्रम का संचालन एसजीसीसीआई के ग्रुप चेयरमैन परेश लाठिया ने किया।
इस अवसर पर चैंबर के ग्रुप चेयरमैन एवं सेतु फ़ाउंडेशन के डायरेक्टर मयंक दलाल, चैंबर की मैनेजिंग कमिटी के सदस्य, सेतु फ़ाउंडेशन के डायरेक्टर्स, उद्यमी और विभिन्न प्रोफेशनल्स बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से सूरत के एमएसएमई उद्योगपतियों को आईपीआर से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी मिली, जो उनके व्यवसाय को सशक्त और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
