सूरत : मुल्ताई से सूरत पहुंचे तापी परिक्रमा पदयात्रियों का जीण माता सेवा संघ ने किया भावपूर्ण स्वागत
885 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी कर पहुंचे 76 श्रद्धालु, ढोल-नगाड़ों और जयकारों से गूंज उठा वातावरण
सूर्य पुत्री तापी के उद्गम स्थल मध्य प्रदेश के मुल्ताई से पैदल चलकर सूरत पहुंचे तापी परिक्रमा पदयात्रियों का श्री अखिल भारतीय जीण माता सेवा संघ, सूरत द्वारा भावभीने वातावरण में स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम संयोजक राम निवास रामावत ने बताया कि मां तापी सम्पूर्ण पदयात्रा समिति, मुल्ताई के राजू पाटनकर के नेतृत्व में 76 सदस्यों का दल 885 किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए मुल्ताई से सूरत के रामानी फार्म हाउस, एयरपोर्ट रोड पहुंचा। उल्लेखनीय है कि यह सम्पूर्ण तापी परिक्रमा लगभग 1800 किलोमीटर की होगी। सूरत आगमन पर सभी पदयात्रियों का ढोल-ढमाकों के साथ पुष्पवर्षा कर, कुंकुम-चावल से तिलक किया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें दुपट्टे ओढ़ाए गए तथा शीतल गन्ने का रस पिलाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया।
संघ के दिलीप पटेल ने बताया कि कड़ाके की ठंड में पदयात्रा कर रहे सभी श्रद्धालुओं को जीण माता सेवा संघ की ओर से विशेष कंबल भेंट किए गए। साथ ही पदयात्रा के दौरान होने वाले शारीरिक दर्द और मोच से राहत के लिए दर्द निवारक क्रीम भी प्रदान की गई। समारोह के मुख्य अतिथि सांवर मल बिहानी और हितेश रामाणी रहे। इसके पश्चात पदयात्रियों को अल्पाहार स्वरूप चाय, वेफर्स, चिक्की और पानी की बोतलों की किट भेंट की गई। ढोल की थाप पर पदयात्रियों और जीण संघ के सदस्यों द्वारा लगाए गए “जय जय तापी… जय महा तापी” के जयकारों और तापी संकीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
गौरतलब है कि विगत सात वर्षों से श्री अखिल भारतीय जीण माता सेवा संघ, सूरत को तापी परिक्रमा पदयात्रियों के स्वागत-सत्कार का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। इस आयोजन को सफल बनाने में अश्विनी गर्ग, दिलीप पटेल, राकेश काबरा, गोविंद जिंदल, नंदू मोहता, बद्री प्रसाद वैष्णव, राजेंद्र राजपुरोहित, रघुनंदन खंडेलवाल, राजेश काबरा और अभिषेक जिंदल सहित संघ के अनेक सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
