सूरत : केंद्रीय बजट 2026–27 आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम: फोस्टा
टेक्सटाइल और MSME सेक्टर के लिए घोषणाओं का उद्योग जगत ने किया स्वागत-कैलाश हाकिम
सूरत। केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026–27 को लेकर उद्योग और व्यापार जगत ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। फेडरेशन ऑफ सूरत ट्रेड एन्ड टेक्सटाइल एसोसिएशन (फोस्टा) ने कहा है कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को सशक्त करने के साथ-साथ विकासोन्मुखी दृष्टिकोण को दर्शाता है।
फोस्टा के अध्यक्ष कैलाश हाकिम ने बताया कि बजट में टेक्सटाइल और MSME सेक्टर के लिए की गई घोषणाएँ उद्योग जगत की अपेक्षाओं पर खरी उतरती हैं। MSME सेक्टर के लिए लिक्विडिटी सपोर्ट, छोटे उद्योगों हेतु ट्रांजैक्शन सेटलमेंट प्रोग्राम और टेक्सटाइल उद्योग के लिए मेगा टेक्सटाइल पार्क तथा नेशनल फाइबर स्कीम जैसे कदम अत्यंत सकारात्मक हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में टेक्सटाइल विकास को प्रोत्साहन देने वाली योजनाएँ रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने बताया कि CGTMSE योजना के तहत माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइज के लिए प्रति यूनिट क्रेडिट सीमा को 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया जाना सूरत सहित देश के औद्योगिक क्लस्टरों के आर्थिक विकास को नई गति देगा।
बजट में टेक्सटाइल उत्पादों के निर्यात में उपयोग होने वाले कुछ कच्चे माल पर आयात शुल्क समाप्त करने और निर्यात दायित्व पूरा करने की समय-सीमा बढ़ाने के निर्णय से निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं माइक्रो एंटरप्राइज के लिए ‘सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड’ की स्थापना से छोटे उद्यमों को सीधी वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी।
फोस्टा ने कहा कि MSME सेक्टर, जो भारतीय टेक्सटाइल उद्योग की रीढ़ माना जाता है, उसके लिए वर्किंग कैपिटल की बेहतर उपलब्धता, सरल ऋण व्यवस्था, मजबूत क्रेडिट गारंटी और ब्याज दरों में संभावित राहत के संकेत स्वागतयोग्य हैं। इससे पावरलूम, प्रोसेसिंग यूनिट्स, जॉबवर्क सेक्टर और गारमेंट निर्माताओं को उत्पादन बढ़ाने और नए निवेश के अवसर मिलेंगे।
इसके अलावा बजट में मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) को टेक्सटाइल और गारमेंट निर्यात से जोड़ने का दृष्टिकोण भी सकारात्मक बताया गया है। इससे रेडीमेड गारमेंट्स, मैन-मेड फाइबर, होम टेक्सटाइल और वैल्यू-एडेड उत्पादों को नए अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल सकेंगे, जिससे भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और मजबूत होगी।
फोस्टा ने यह भी कहा कि कौशल विकास और उद्योग-आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष जोर, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, MSME सेक्टर को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करेगा। यदि बजट की सभी घोषणाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन किया जाता है, तो आने वाले वर्षों में टेक्सटाइल और गारमेंट आधारित MSME सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था और निर्यात वृद्धि में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
