सूरत : सौराष्ट्र पटेल समाज में देहदान–अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ी
विवाह वर्षगांठ पर बाबुभाई–मुक्ताबेन कपोपरा ने लिया स्वैच्छिक देहदान व अंगदान का संकल्प
सौराष्ट्र पटेल समाज में स्वैच्छिक देहदान और अंगदान को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है। लोकदृष्टि नेत्र बैंक, इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी (चौर्यासी तालुका शाखा) तथा लायंस क्लब सूरत ईस्ट द्वारा पिछले 38 वर्षों से गुजरात भर में देहदान एवं अंगदान के प्रति निरंतर जनजागरण किया जा रहा है। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग स्वेच्छा से देहदान व अंगदान के लिए संकल्प पत्र भर रहे हैं।
इसी क्रम में ग्राम हीपावडली, तहसील सावरकुंडला, जिला अमरेली के मूल निवासी एवं वर्तमान में सूरत के 65, शिवधारा, मानसरोवर सेक्टर–4 में निवासरत बाबुभाई मनजीभाई कपोपरा और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मुक्ताबेन बाबुभाई कपोपरा ने अपनी विवाह वर्षगांठ के अवसर पर देहदान और अंगदान का पुण्य संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि ईश्वर द्वारा प्रदान किए गए मानव शरीर को जलाकर नष्ट करने के बजाय उसके अमूल्य अंग जरूरतमंद लोगों के जीवन को रोशन करने में काम आ सकते हैं अथवा मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का माध्यम बन सकते हैं।
इस पुण्य कार्य में उनके पुत्र रोहितभाई, बिपिनभाई तथा पुत्री काजलबेन (गौतमभाई ठुमरे) ने भी माता-पिता की भावना का सम्मान करते हुए पूरा सहयोग दिया। परिवार ने डॉ. प्रफुलभाई शिरोया और दिनेशभाई पटेल से संपर्क कर विधिवत सहमति पत्र भरने की प्रक्रिया पूरी की।
इस अवसर पर सूरत आयुर्वेद कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. कपोपरा की उपस्थिति भी रही। आयोजकों ने कपोपरा परिवार के इस प्रेरणादायी कदम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण समाज में देहदान और अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
