सूरत म्युनिसिपल कमिश्नर शालिनी अग्रवाल का तबादला, एम. नागराजन को मिली SMC की कमान
राज्य सरकार के आदेश से अटकलों पर विराम, शालिनी अग्रवाल बनीं ऊर्जा विकास निगम की एमडी
सूरत : सूरत म्युनिसिपल कमिश्नर शालिनी अग्रवाल के तबादले को लेकर पिछले काफी समय से चर्चाएं चल रही थीं। यह माना जा रहा था कि फरवरी में म्युनिसिपल बजट पेश होने के बाद उनका ट्रांसफर किया जाएगा। हालांकि, राज्य सरकार ने आज आधिकारिक आदेश जारी कर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया।
जारी आदेश के अनुसार, सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की कमिश्नर शालिनी अग्रवाल का तबादला कर उन्हें गुजरात ऊर्जा विकास निगम का मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, उनकी जगह अहमदाबाद GSRTC के वाइस चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर एम. नागराजन को सूरत म्युनिसिपल कमिश्नर बनाया गया है।
बताया जा रहा है कि एम. नागराजन पहले भी सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में डेप्युटेशन पर कार्य कर चुके हैं, और SMC के कामकाज से उनकी गहरी परिचितता को देखते हुए उन्हें एक बार फिर सूरत की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शालिनी अग्रवाल को करीब साढ़े तीन साल पहले बंछानिधि पाणि की जगह सूरत म्युनिसिपल कमिश्नर नियुक्त किया गया था। उनके कार्यकाल को SMC के इतिहास में कई ऐतिहासिक उपलब्धियों के लिए याद किया जाएगा। इनमें नई एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग का निर्माण, कन्वेंशनल बैराज, डुमस सी-फेस डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और भारत में पहली बार सूरत का इकोनॉमिक डेवलपमेंट प्लान तैयार करना शामिल है।
उनकी एक बड़ी उपलब्धि यह भी रही कि उनके कार्यकाल के दौरान सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को गुजरात की सभी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशनों में से राज्य और केंद्र सरकार से सबसे अधिक ग्रांट प्राप्त हुई। इससे SMC की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी रही, जबकि निगम की मुख्य आय प्रत्यक्ष करों और FSI पर आधारित है।
शालिनी अग्रवाल के तबादले और एम. नागराजन की नियुक्ति को सूरत के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
