सूरत : जोड़ों के दर्द और ऑटोइम्यून बीमारियों पर जागरूकता सेमिनार आयोजित

रूमेटॉइड आर्थराइटिस सिर्फ जोड़ों तक सीमित नहीं, किडनी और दिल को भी पहुंचा सकता है नुकसान; स्मोकिंग सबसे बड़ा जोखिम

सूरत : जोड़ों के दर्द और ऑटोइम्यून बीमारियों पर जागरूकता सेमिनार आयोजित

सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा हेल्थ सीरीज के तहत जोड़ों की बीमारियों और ऑटोइम्यून डिसऑर्डर पर एक विशेष एजुकेशनल अवेयरनेस सेमिनार का आयोजन रविवार, 18 जनवरी को सुबह 10:30 बजे समृद्धि, नानपुरा, सूरत में किया गया। सेमिनार में शहर के प्रख्यात रूमेटोलॉजिस्ट्स ने भाग लेकर लोगों को महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मार्गदर्शन दिया।

सीनियर रूमेटोलॉजिस्ट डॉ. बंकिम देसाई ने अपने संबोधन में बताया कि रूमेटोलॉजी आर्थराइटिस और उससे जुड़ी बीमारियों के सही डायग्नोसिस और इलाज से संबंधित चिकित्सा शाखा है। उन्होंने कहा कि गाउट और रूमेटॉइड आर्थराइटिस में बड़ा अंतर होता है, इसलिए सही समय पर जांच बेहद जरूरी है।

समय पर इलाज से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है और लगभग 90 प्रतिशत मामलों में इसे प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि शुगर और ब्लड प्रेशर की तरह आर्थराइटिस भी एक कंट्रोल होने वाली बीमारी है। महिलाओं और बच्चों में भी इसके मामले सामने आते हैं। साथ ही उन्होंने रूमेटिक फीवर पर भी प्रकाश डाला।

डॉ. देसाई ने चेतावनी देते हुए कहा कि रूमेटॉइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जो सिर्फ जोड़ों को ही नहीं बल्कि किडनी, फेफड़े, दिल समेत शरीर के अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने बताया कि रूमेटॉइड से जुड़ी बीमारियों का सीधा संबंध स्मोकिंग से है, जो इसका सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर है।

इस अवसर पर रूमेटोलॉजिस्ट डॉ. निशिल शाह ने लोगों में फैली गलत धारणाओं को दूर करते हुए कहा कि दवाइयां नुकसानदायक नहीं होतीं, बल्कि बीमारी ज्यादा खतरनाक होती है। वहीं डॉ. निशांत देसाई ने भी आर्थराइटिस और ऑटोइम्यून बीमारियों को लेकर उपयोगी जानकारी और गाइडेंस दी।

चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री निखिल मद्रासी ने स्वागत भाषण दिया। सेमिनार में चैंबर के ऑनरेरी सेक्रेटरी श्री बिजल जरीवाला, ऑनरेरी ट्रेजरर सीए मितेश मोदी, विभिन्न प्रोफेशनल्स और चैंबर के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

चैंबर की पब्लिक हेल्थ कमेटी की चेयरपर्सन डॉ. पारुल वडगामा ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताई। कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया और अंत में पब्लिक हेल्थ कमेटी के को-चेयरमैन डॉ. राजन देसाई ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

सेमिनार के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र रखा गया, जिसमें तीनों विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उपस्थित लोगों के सवालों के विस्तार से जवाब दिए।

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