सूरत : FICCI और SGCCI की पहल से ‘एम्पावर MSME समिट 2026’ का सफल आयोजन
MSMEs को चुनौतियों से अवसरों तक ले जाने पर मंथन, देशभर में होगा विस्तार
सूरत। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI), FICCI HR, FICCI CMSME और द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) के संयुक्त तत्वावधान में SGCCI परिसर में ‘एम्पावर MSME समिट 2026’ (वेस्ट चैप्टर) का आयोजन किया गया।
समिट की थीम थी — “चुनौतियों से मौकों तक: MSMEs के लिए रोडमैप”। सूरत से वेस्ट चैप्टर की शुरुआत के बाद अब इस समिट का आयोजन देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी किया जाएगा।
समिट का उद्देश्य MSMEs को बदलते आर्थिक, तकनीकी और रेग्युलेटरी माहौल में आगे बढ़ने के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन देना रहा। कार्यक्रम में इंडस्ट्री लीडर्स, बैंकिंग और फिनटेक एक्सपर्ट्स, HR प्रोफेशनल्स और पॉलिसी मेकर्स ने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रेसिडेंट श्री निखिल मद्रासी ने स्वागत भाषण में बताया कि चैंबर हर वर्ष 300 से अधिक नॉलेज-बेस्ड प्रोग्राम आयोजित करता है। उन्होंने चैंबर के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शंस का उल्लेख करते हुए हाल ही में ज़िम्बाब्वे और बोत्सवाना के शीर्ष नेतृत्व के सूरत दौरे और इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन की जानकारी दी।
लूथरा ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री ध्रुव लूथरा ने कहा कि अगर भारत के MSMEs की असली तस्वीर देखनी हो, तो गुजरात के MSMEs को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि MSMEs को भारतीय अर्थव्यवस्था की बैकबोन कहा जाता है, लेकिन फिर भी उन्हें क्रेडिट के लिए संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि पिछले 5 वर्षों में एक्सपोर्ट करने वाले MSMEs की संख्या तीन गुना बढ़ी है।
समिट का प्रमुख आकर्षण ‘रेज़ोन सोलर’ के फाउंडर श्री चिराग नकारानी के साथ फायरसाइड चैट रही, जिसमें उन्होंने अपने स्टार्टअप की सफलता यात्रा साझा की। इस चर्चा में एक्सिस बैंक के मिड कॉर्पोरेट और मीडियम एंटरप्राइज ग्रुप के प्रेसिडेंट एवं हेड श्री प्रशांत टी.एस. भी शामिल रहे।
एक्सिस बैंक के ट्रेजरी मार्केट सेल्स के हेड श्री बृजेश बी. चालिल ने ग्लोबल मार्केट ट्रेंड्स पर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
चार प्रमुख ट्रैक पर गहन पैनल डिस्कशन
1. इनोवेटिव फाइनेंस और फिनटेक
इस सत्र में डिजिटल लेंडिंग, फिनटेक-ड्रिवन क्रेडिट एक्सेस, सप्लाई चेन फाइनेंसिंग और एक्सपोर्ट-इनेबल्ड प्लेटफॉर्म्स पर चर्चा हुई। पैनलिस्ट्स में एक्सिस बैंक, SIDBI, M1Exchange और ऑनलाइन PSB लोन्स के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। सत्र का संचालन प्राइसवाटरहाउसकूपर्स प्राइवेट लिमिटेड की डायरेक्टर सुश्री मालती ने किया।
2. लचीला डिजाइन और टैलेंट मैनेजमेंट
इस सत्र में MSMEs के लिए एजाइल ऑर्गेनाइजेशनल डिजाइन, मल्टी-स्किल्ड वर्कफोर्स और डिजिटल HR टूल्स के उपयोग पर जोर दिया गया। L&T-MHI, आरती इंडस्ट्रीज, श्री रामकृष्ण एक्सपोर्ट्स और ज़ाइडस वेलनेस के वरिष्ठ HR लीडर्स ने अपने अनुभव साझा किए। सत्र का संचालन श्री मृणाल शुक्ला ने किया।
3. ऑटोमेशन और AI
इस पैनल में बताया गया कि आज के दौर में ऑटोमेशन कोई फैशन नहीं, बल्कि आवश्यकता है। एक्सपर्ट्स ने AI और किफायती टेक्नोलॉजी के जरिए इन्वेंट्री मैनेजमेंट, कस्टमर सर्विस, फाइनेंस, HR और सप्लाई चेन को अधिक प्रभावी बनाने के तरीकों पर चर्चा की।
4. नया लेबर कोड और कंप्लायंस
भारत सरकार के रीजनल PF कमिश्नर श्री संजय सिंह गुर्जर ने नए लेबर कोड पर मुख्य भाषण दिया और MSMEs के लिए जरूरी बिंदुओं को सरल शब्दों में समझाया।
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के कंसल्टेंट श्री सतीश आनंद और EY के डायरेक्टर श्री वैभव कुलकर्णी ने लेबर कंप्लायंस से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों, बेस्ट प्रैक्टिस और रिस्क मैनेजमेंट पर प्रकाश डाला।
‘एम्पावर MSME समिट 2026’ ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि सही नॉलेज, टेक्नोलॉजी, टैलेंट और कंप्लायंस के साथ MSMEs न सिर्फ चुनौतियों का सामना कर सकते हैं, बल्कि उन्हें अवसरों में भी बदल सकते हैं। सूरत में सफल आयोजन के बाद अब यह समिट देश के अन्य प्रमुख शहरों में MSMEs को सशक्त बनाने का मंच बनेगा।
