सूरत : ‘नेशनल रोड सेफ्टी मंथ–2026’ का शुभारंभ, पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने किया उद्घाटन
रोड सेफ्टी एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी और ट्रैफिक नियमों का पालन जरूरी : मेयर दक्षेशभाई मावानी
नेशनल रोड सेफ्टी अथॉरिटी से प्रेरित होकर सूरत पुलिस द्वारा ‘नेशनल रोड सेफ्टी मंथ–2026’ के सेलिब्रेशन का शुभारंभ पुलिस परेड ग्राउंड से किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सूरत शहर के पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने किया। पूरे महीने के दौरान सूरत पुलिस स्कूलों, कॉलेजों और शहर की सड़कों पर रोड सेफ्टी को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी।
इस अवसर पर मेयर दक्षेशभाई मावानी ने कहा कि सुरक्षा हमारी जिंदगी और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ा विषय है। रोड सेफ्टी केवल नियम नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि सूरत का ‘सिग्नल इम्प्लीमेंटेशन मॉडल’ देशभर में सराहा गया है और शहर के लोग ट्रैफिक डिसिप्लिन को अपनी संस्कृति बना रहे हैं। मेयर ने यह भी बताया कि गुजरात की कुल इलेक्ट्रिक गाड़ियों में से करीब 35 प्रतिशत अकेले सूरत शहर में हैं, जो यहां के नागरिकों की आधुनिक तकनीक और पर्यावरण के प्रति जागरूकता को दर्शाता है।
पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने कहा कि पिछले एक वर्ष में सूरत शहर में रोड इंजीनियरिंग, सर्कल रिडक्शन, सिग्नल लाइट टाइमिंग और ट्रैफिक कंट्रोल को लेकर महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। ट्रैफिक सेफ्टी को बढ़ावा देने के लिए ‘हेलमेट ड्राइव’ के साथ-साथ ‘नो हॉर्न’ कैंपेन चलाकर नॉइज़ पॉल्यूशन कम करने पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीते एक साल में सूरत पुलिस ने 28 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर ऑर्गन डोनेशन को समय पर अहमदाबाद पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी।
उन्होंने आगे कहा कि सड़कों, स्कूलों, कॉलेजों और मार्केट एरिया में हेलमेट अवेयरनेस और ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। वर्ष 2025 में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की गई, जिसमें रॉन्ग साइड ड्राइविंग के 55 हजार, ओवरस्पीडिंग के 2 लाख 36 हजार और ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने के 1 लाख 30 हजार मामलों में कार्रवाई की गई। हेलमेट पहनने को लेकर बढ़ी जागरूकता और सख्ती के चलते सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि सूरत पुलिस, सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और आरटीओ मिलकर सफल ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने ‘मिनी इंडिया’ कहे जाने वाले सूरत के सभी नागरिकों से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट पहनने तथा ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान सूरत ट्रैफिक पुलिस द्वारा ट्रैफिक सिग्नल में हुए ऐतिहासिक बदलावों पर आधारित वीडियो प्रदर्शित किया गया। विद्यार्थियों ने साइन बोर्ड के माध्यम से ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी, वहीं विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने सड़क दुर्घटना जागरूकता पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। विशेष विद्यार्थियों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया तथा दुर्घटना के समय मदद करने वाले राजवीर को सर्टिफिकेट ऑफ अप्रिसिएशन प्रदान किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने सड़क सुरक्षा की शपथ ली और रोड सेफ्टी अवेयरनेस बाइक रैली को फ्लैग ऑफ किया गया।
इस मौके पर स्पेशल पुलिस कमिश्नर (सेक्टर-1) वाबांग ज़मीर, ई-जॉइंट पुलिस कमिश्नर (ट्रैफिक) राघवेंद्र वत्स, एडिशनल पुलिस कमिश्नर इको सेल करणराज वाघेला, आरटीओ एडिशनल कलेक्टर एच. एम. पटेल, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. भागीरथसिंह परमार, ट्रैफिक एजुकेशन ट्रस्ट के चेयरमैन लालजीभाई पटेल, सेक्रेटरी अशोकभाई कानूनगो सहित आरटीओ अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी, पुलिस व ट्रैफिक विभाग के अधिकारी, सामाजिक नेता और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
