सूरत : सार्वजनिक यूनिवर्सिटी में NRI मैरिज अवेयरनेस सेमिनार का आयोजन

चैंबर ऑफ कॉमर्स और सार्वजनिक यूनिवर्सिटी का संयुक्त आयोजन; सुप्रीम कोर्ट की वकील ने कानूनी पेचीदगियों से कराया अवगत

सूरत : सार्वजनिक यूनिवर्सिटी में NRI मैरिज अवेयरनेस सेमिनार का आयोजन

सूरत। विदेश में बसे युवकों से विवाह से जुड़ी सावधानियों और कानूनी पहलुओं के प्रति युवतियों को जागरूक करने के उद्देश्य से सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, गुजरात स्टेट नॉन-रेसिडेंट गुजरात प्रतिष्ठान तथा चैंबर ऑफ कॉमर्स सूरत में संचालित NRG सेंटर ने सार्वजनिक यूनिवर्सिटी के सहयोग से शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को सार्वजनिक यूनिवर्सिटी, सूरत में NRI मैरिज अवेयरनेस सेमिनार का आयोजन किया।

सेमिनार की मुख्य वक्ता सुप्रीम कोर्ट की वकील एडवोकेट प्रीति जोशी रहीं। उन्होंने विदेश में रहने वाले युवकों से विवाह करने की इच्छुक युवतियों को आवश्यक कानूनी सावधानियों, संभावित जोखिमों और सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि NRI से शादी के मामलों में केवल भारतीय कानून ही नहीं, बल्कि संबंधित देश के जटिल इंटरनेशनल और प्राइवेट लॉ भी लागू होते हैं, जिससे ऐसे मामलों में जोखिम बढ़ जाता है।

सेमिनार में विशेष अतिथि के रूप में नवी सिविल हॉस्पिटल के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की प्रोफेसर एवं प्रमुख डॉ. पारुल वडगामा उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विदेश में बसे युवक से शादी का फैसला जल्दबाजी में नहीं करना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि शादी से पहले पर्याप्त समय लेकर आपसी समझ विकसित की जाए, युवक के स्वभाव, सोच, व्यवहार और पारिवारिक पृष्ठभूमि को गहराई से समझा जाए तथा संभव हो तो शादी से पहले विदेश जाकर उसके परिवार और रहन-सहन को भी देखा जाए।

डॉ. वडगामा ने कहा कि शादी एक भावनात्मक नहीं बल्कि समझदारी और जिम्मेदारी भरा निर्णय है। उन्होंने युवतियों को यह भी सलाह दी कि यदि शादी के बाद किसी कारणवश रिश्ता टूटता है, तो विदेश में आत्मनिर्भर रहने के लिए पढ़ाई या नौकरी का वैकल्पिक प्लान पहले से तैयार रखना चाहिए। साथ ही, उन्होंने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, संतुलित आहार और आत्मविश्वास बनाए रखने पर भी ज़ोर दिया।

अपने स्वागत भाषण में चैंबर ऑफ कॉमर्स के ग्रुप चेयरमैन श्री परेश लाठिया ने कहा कि डिजिटल युग में रिश्ते तेजी से बनते हैं, लेकिन जब बात विदेश में बसे व्यक्ति से विवाह की हो, तो अतिरिक्त सावधानी बेहद आवश्यक हो जाती है। ऐसे सेमिनार युवाओं को सही निर्णय लेने में मदद करते हैं।

मुख्य वक्ता एडवोकेट प्रीति जोशी ने युवतियों को चेतावनी दी कि वे किसी भी मैरिज ब्यूरो, एजेंट या बिचौलिए पर आंख मूंदकर भरोसा न करें, नकली दस्तावेज़ न बनवाएं और केवल ग्रीन कार्ड या विदेशी नागरिकता के लालच में आकर शादी का फैसला न लें। उन्होंने युवक की वैवाहिक स्थिति, इमिग्रेशन स्टेटस, वीज़ा का प्रकार, वित्तीय स्थिति, संपत्ति, पारिवारिक पृष्ठभूमि और रहने के पते की पूरी जांच करने की सलाह दी।

गुजरात स्टेट नॉन-रेसिडेंट गुजरात प्रतिष्ठान, गांधीनगर के प्रतिनिधि श्री प्रग्नेश लविंगिया ने प्रतिष्ठान की विभिन्न गतिविधियों और सूरत में संचालित NRG सेंटर के कार्यों की जानकारी दी। सार्वजनिक यूनिवर्सिटी के प्रोवोस्ट प्रोफेसर किरण पंड्या ने विद्यार्थियों से अपील की कि पूरी तरह संतुष्ट और आश्वस्त हुए बिना शादी का निर्णय न लें।

यूनिवर्सिटी के इंचार्ज रजिस्ट्रार श्री आशीष देसाई ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन NRG सेंटर सूरत के को-चेयरमैन श्री चेतन सेठ ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। NRG सेंटर के सदस्य एडवोकेट परेश पारेख ने कीनोट स्पीकर का परिचय कराया। सेमिनार के अंत में एडवोकेट प्रीति जोशी ने विद्यार्थियों के सवालों के संतोषजनक उत्तर दिए।

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