सूरत : श्री जड़खोर गोधाम गौशाला के सेवार्थ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ आज से

वीआईपी रोड, वेसू स्थित कामधेनु मैदान में 18 जनवरी तक व्यासपीठ से स्वामी डॉ. राजेंद्र दास देवाचार्य जी कथा का रसपान  कराएंगे

सूरत : श्री जड़खोर गोधाम गौशाला के सेवार्थ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ आज से

श्री जड़खोर गोधाम गौशाला के सेवित गोवंश के संरक्षण एवं सेवा के पावन उद्देश्य को लेकर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन 12 से 18 जनवरी 2026 तक किया जा रहा है। यह आयोजन श्री कामधेनु मैदान, क्रोमा के सामने, नेक्सा शोरूम के पास, वीआईपी रोड, वेसू, सूरत में होगा।

कथा के मनोरथी श्रीमती गीता देवी गजानंद कंसल एवं समस्त कंसल परिवार हैं। प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक व्यासपीठ से अनंत श्री विभूषित श्रीमज्जगतगुरु, द्वाराचार्य अग्रपीठाधीश्वर एवं मलूक पीठाधीश्वर, परम पूज्य स्वामी डॉ. राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज (श्री रैवासा–वृंदावन धाम) श्रद्धालु भक्तों को अमृतमयी श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराएंगे।

कथा के मुख्य यजमान, प्रख्यात उद्योगपति, समाजसेवी एवं परम गोभक्त राकेश कंसल एवं प्रमोद कंसल ने बताया कि भगवान की कृपा, गोमाता के आशीर्वाद और गोभक्तों के स्नेह से शहरवासियों को महाराज श्री के मुखारविंद से कथा श्रवण का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि “जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है।” यह भारतीय संस्कृति का मूल सिद्धांत है, जो नैतिक कर्तव्य, सत्य और न्याय के पालन का संदेश देता है। उन्होंने कलियुग में गोवंश की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गोसंरक्षण प्रत्येक सनातन धर्मावलंबी का परम कर्तव्य है, क्योंकि गोमाता के संरक्षण से ही प्रकृति, संस्कृति और सनातन धर्म सुरक्षित रह सकते हैं।

श्री जड़खोर गोधाम गौशाला समिति, सूरत शाखा के प्रमुख कैलाश अग्रवाल एवं मीडिया प्रभारी सज्जन महर्षि ने जानकारी दी कि कथा ज्ञानयज्ञ की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मुख्य यजमान कंसल परिवार के सहयोग से वर्ष 2016 से निरंतर स्वामी जी की श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष यह 11वां श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ गोलोकवासी गोभक्त गजानंद कंसल एवं गोलोकवासी गोभक्त राधावल्लभ जालान की स्मृति में आयोजित किया गया है। उन्होंने सूरत के समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

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